आगरा में मिशन शक्ति 6.0 का दम: नवरात्रि में पंडालों तक पहुंची पुलिस, महिलाओं को सिखाया सुरक्षा का मंत्र

उत्तर प्रदेश सरकार की 'सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश' की संकल्पना को जमीन पर उतारने के लिए आगरा में आगरा मिशन शक्ति 6.0 अभियान पूरी तेजी से चलाया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की सीधी निगरानी में यह अभियान 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक संचालित हो रहा है। इस दौरान आगरा कमिश्नरेट की एंटी-रोमियो टीमें और मिशन शक्ति की समर्पित टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और महिलाओं के बीच जाकर उन्हें जागरूक कर रही हैं।
खास बात यह है कि शारदीय नवरात्रि के मौके पर पुलिस की टीमें दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंच रही हैं। यहां महिलाओं और लड़कियों से संवाद कर उन्हें न केवल उनके कानूनी अधिकारों और आत्म-निर्भरता के बारे में बताया जा रहा है, बल्कि समाज में उनके सम्मान और सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
डिजिटल सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबरों पर विशेष जोर
आज के दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों द्वारा डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें लोगों को पंपलेट्स बांटकर आपातकालीन सेवाओं के बारे में बता रही हैं। इसमें मुख्य रूप से 1090, 1098, 112 और 1930 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, नागरिकों को UPCOP मोबाइल एप्लिकेशन की विशेषताओं और इसके फायदों के बारे में भी समझाया जा रहा है।
इस अभियान का दायरा केवल आगरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक राज्यव्यापी रणनीति का हिस्सा है। बीते 12 अक्टूबर को पूरे उत्तर प्रदेश में एक विशाल मार्च निकाला गया, जिसमें 1,328 महिला टीमों सहित कुल 51,858 लोगों ने हिस्सा लिया। वहीं, 13 अक्टूबर को पुलिस लाइन्स के मल्टीपर्पज हॉल में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं और अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया।
मिशन शक्ति के इस चरण में 'मातृ मेला' जैसे कार्यक्रमों के जरिए मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके अलावा, लड़कियों के नेतृत्व कौशल को विकसित करने के लिए उन्हें प्रशासनिक भूमिकाओं में नियुक्त करने जैसी रणनीतिक पहल भी की जा रही हैं।