डिजिटल ठगों पर लगाम: आगरा पुलिस ने शुरू किया 'साइबर जागरूकता महीना'

Shubham Singh12 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
डिजिटल ठगों पर लगाम: आगरा पुलिस ने शुरू किया 'साइबर जागरूकता महीना'

आज के डिजिटल दौर में जहाँ सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधियों के तौर-तरीके भी खतरनाक होते जा रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में सभी थानों के अधिकार क्षेत्र में आगरा साइबर जागरूकता महीना की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता और छात्रों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, ओटीपी स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले शोषण के प्रति सचेत करना है।

पुलिस प्रशासन अब स्कूलों, कॉलेजों और बाजारों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। इसी कड़ी में 12 अक्टूबर 2026 को शमशाबाद पुलिस स्टेशन की टीम ने एक स्थानीय स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया। यहाँ छात्रों को यह सिखाया गया कि फर्जी कॉल्स की पहचान कैसे करें और किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग कैसे करना है।

सावधान! डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचें

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने चेतावनी दी है कि अपराधी अब कानून प्रवर्तन एजेंसियों या रेगुलेटरी अधिकारियों बनकर लोगों को डराते हैं, जिसे 'डिजिटल अरेस्ट' कहा जाता है। इसके अलावा सेक्सटॉर्शन जैसे मामले भी बढ़ रहे हैं। हाल ही में शहर का एक मामला सामने आया जहाँ गैस मीटर अपडेट करने के बहाने एक व्यक्ति से APK फाइल डाउनलोड करवाई गई और उसके खाते से 10.87 लाख रुपये उड़ा लिए गए।

इन बढ़ते अपराधों से निपटने के लिए आगरा पुलिस ने कई कड़े कदम उठाए हैं:

  • हर पुलिस स्टेशन में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है।
  • 'प्रज्ञा' डेटा सेंटर शुरू किया गया है, जो एआई (AI) की मदद से सोशल मीडिया शिकायतों का विश्लेषण करता है।
  • जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 42,000 से ज्यादा IMEI नंबर और 5,000 सिम कार्ड ब्लॉक किए गए हैं।
  • सितंबर 2026 तक 100 संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई और 297 चार्जशीट दाखिल की गईं, जिसके जरिए 7 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई।

एक बड़ी कामयाबी 11 अक्टूबर 2026 को मिली, जब पुलिस ने एक ऐसे जालसाज को पकड़ा जिसने खुद को डीजीपी के पीआरओ का करीबी बताकर आठ नौकरी चाहने वालों से 1.25 करोड़ रुपये ठगे थे। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत 1930 पर या cybercrime.gov.in पोर्टल पर दर्ज कराएं।

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