सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, आगरा पुलिस ने जालसाज को दबोचा

ताजनगरी आगरा में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करते हुए आगरा साइबर क्राइम पुलिस टीम ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाता था और बदले में उनसे लाखों रुपये ठग लेता था।
डीसीपी (वेस्टर्न/साइबर क्राइम) आदित्य ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी ने बड़ी सफाई से फर्जी कागजात तैयार किए थे, ताकि पीड़ित उस पर भरोसा कर सकें। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही उसके पास से दो मोबाइल फोन (रेडमी 13C 5G और इनफिनिक्स मॉडल X6625) बरामद किए हैं। इन फोन की जांच की जा रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और पीड़ितों का पता लगाया जा सके।
शहर में बढ़ते साइबर अपराधों पर पुलिस की नजर
आगरा में पिछले कुछ समय से साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़े हैं। हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जिसमें 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए एक बुजुर्ग से 72.74 लाख रुपये लूट लिए गए थे। ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और अगस्त से सितंबर के बीच यह बड़ी ठगी की। इसके अलावा, एक सीआईडी इंस्पेक्टर के खाते से 4 लाख रुपये उड़ाने और एक परिवार से नौकरी के नाम पर 13.25 लाख रुपये ठगने जैसे गंभीर मामले भी पुलिस की जांच के दायरे में हैं।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने हाल ही में 9 अक्टूबर को हुई क्राइम रिव्यू मीटिंग में सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के सीजन से पहले लंबित जांचों में तेजी लाई जाए और आम जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे।