आगरा MLC चुनाव: बूथ कैप्चरिंग के आरोपों से बवाल, सपा उम्मीदवार हुए भावुक

आगरा एमएलसी चुनाव में बूथ कैप्चरिंग और प्रशासनिक पक्षपात के आरोपों से बवाल। सपा उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने जताया कड़ा विरोध।

Sushant Singh23 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
आगरा MLC चुनाव: बूथ कैप्चरिंग के आरोपों से बवाल, सपा उम्मीदवार हुए भावुक

उत्तर प्रदेश की विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए आगरा में हुए चुनाव भारी राजनीतिक तनाव और विवादों के साये में रहे। 23 अक्टूबर 2026 को हुए इस मतदान के दौरान धांधली और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हुए इस चुनाव में जहां एक तरफ मतदान प्रतिशत की चर्चा थी, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने प्रशासनिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए कैमरे के सामने अपने आंसू बहा दिए। उन्होंने दावा किया कि खेरागढ़, फतेहाबाद और छाता जैसे इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बूथ कैप्चरिंग की गई। डॉ. अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने इसकी औपचारिक शिकायत की थी, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोशल मीडिया पर फतेहाबाद ब्लॉक में बूथ कैप्चरिंग का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया है।

प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक बयानबाजी

डॉ. अग्रवाल ने आरोप लगाया कि 12 जिलों में उनके समर्थकों को प्रताड़ित किया गया, जिससे उनका चुनावी प्रक्रिया और न्याय प्रणाली से भरोसा उठ गया है। गहरे दुख और हताशा में उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि वह अगले महीने शाही जामा मस्जिद में जाकर इस्लाम धर्म अपना लेंगे। उन्होंने गुस्से में यह भी कहा कि प्रशासन चाहे तो उन्हें और उनके परिवार को जेल में डाल दे।

इस बीच, राजनीतिक माहौल तब और गरमा गया जब उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने डॉ. अग्रवाल के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की। इस बयान के बाद तनाव और बढ़ गया।

चुनाव के दौरान फतेहाबाद में सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों को नियंत्रित करने के लिए डीसीपी अभिषेक अग्रवाल, एसीपी इमरान अहमद और एसडीएम स्वाति शर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा। गौरतलब है कि जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम मनीष बंसल के निर्देशन में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 46 बूथ और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 27 केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 100 पोलिंग पार्टियों की तैनाती की गई थी।

आंकड़ों की बात करें तो सुबह 10 बजे तक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 9.66% और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 7.37% मतदान हुआ था, जो दोपहर 2 बजे तक कुल मिलाकर 40.87% तक पहुँचा। अब सभी की नजरें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।

Share:

Comments

Leave a comment