आगरा चुनाव अनियमितताएं: लापरवाही पर 6 अधिकारी निलंबित, 3 बूथों पर फिर होगा मतदान
आगरा में शिक्षक निर्वाचन के दौरान लापरवाही बरतने पर 6 अधिकारी निलंबित। चुनाव आयोग ने बूथ कैप्चरिंग के आरोपों के बाद दोबारा मतदान का आदेश दिया है।

उत्तर प्रदेश के आगरा में शिक्षक निर्वाचन के दौरान भारी लापरवाही और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस गंभीर चूक के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने कड़ा रुख अपनाते हुए छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें एक सेक्टर मजिस्ट्रेट, एक इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही बरती।
पूरा मामला आगरा के पोलिंग बूथ नंबर 21 और 26 से जुड़ा है, जहां मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ियों की रिपोर्ट मिली थी। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने बूथ कैप्चरिंग और मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों की जांच के बाद चुनाव आयोग ने 23 अक्टूबर 2026 को बूथ संख्या 20, 21 और 26 पर हुए मतदान को शून्य घोषित कर दिया है।
लापरवाह कर्मचारियों पर गिरी गाज, दोबारा वोटिंग की तैयारी
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने पुष्टि की है कि इन तीन विवादित मतदान केंद्रों पर अब दोबारा मतदान कराया जाएगा। री-पोलिंग की तारीख 26 अक्टूबर 2026 तय की गई है, जिसमें सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वोट डाले जाएंगे।
आगरा के मंडलायुक्त द्वारा की गई जांच में पाया गया कि कुछ कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से नहीं किया। इसी आधार पर न केवल छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है, बल्कि कई अन्य पोलिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मियों को दोषी पाया गया है, उन्हें दोबारा होने वाले मतदान की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
इस निर्वाचन क्षेत्र में वोटों की गिनती तभी शुरू होगी जब दोबारा मतदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी और निर्वाचन आयोग से अंतिम मंजूरी मिल जाएगी।