आगरा: ग्रीन गैस कंपनी के नाम पर बुजुर्ग से 9.80 लाख की ठगी, APK फाइल ने लगाया चूना

Sushant Singh19 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
आगरा: ग्रीन गैस कंपनी के नाम पर बुजुर्ग से 9.80 लाख की ठगी, APK फाइल ने लगाया चूना

उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपना निशाना बनाया और बड़ी चालाकी से उनके खाते से करीब 9.80 लाख रुपये उड़ा लिए। यह पूरी घटना हरिपरवत इलाके की है, जहां आगरा साइबर फ्रॉड के इस मामले ने लोगों को हैरान कर दिया है। ठगों ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताकर पीड़ित को जाल में फंसाया और महज एक घंटे के भीतर उनकी जमा पूंजी साफ कर दी।

पीड़ित गुरु प्रसाद अग्रवाल को एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उनका गैस बिल बकाया है। बिल भुगतान के नाम पर जालसाजों ने उन्हें व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा। जैसे ही बुजुर्ग ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनके मोबाइल का कंट्रोल ठगों के पास चला गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने उनके फोन पर आने वाले ओटीपी (OTP) और मैसेज को रिडायरेक्ट कर लिया, जिससे उन्हें भनक तक नहीं लगी कि उनके साथ क्या हो रहा है।

62 मिनट में 14 ट्रांजैक्शन और खाली हुआ खाता

धोखाधड़ी की यह वारदात 10 अक्टूबर की शाम को हुई। ठगों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर महज 62 मिनट के भीतर 14 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए और कुल 9,80,815 रुपये निकाल लिए। जब पीड़ित को इस बड़ी चोरी का एहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाया और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि आगरा के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में इस मामले की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें यह पैसा ट्रांसफर किया गया है। जांच में यह बात सामने आई है कि इस क्षेत्र में ग्रीन गैस कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर ठगी के 20 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉलर पर भरोसा न करें और व्हाट्सएप या ईमेल पर आए संदिग्ध लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें। विशेष रूप से त्योहारी सीजन में साइबर अपराधी अधिक सक्रिय रहते हैं, इसलिए डिजिटल लेन-देन के दौरान बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

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