अग्निवीरों के कार्यकाल में 2 साल की बढ़ोतरी, रक्षा विशेषज्ञ ने बताया 'बेहतरीन फैसला'

रक्षा विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव ने अग्निवीरों के कार्यकाल में 2 साल की बढ़ोतरी को एक बेहतरीन फैसला बताया है। जानें इसके फायदे।

Sushant Singh4 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अग्निवीरों के कार्यकाल में 2 साल की बढ़ोतरी, रक्षा विशेषज्ञ ने बताया 'बेहतरीन फैसला'

केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना के तहत 75 प्रतिशत अग्निवीरों के कार्यकाल में दो साल का विस्तार करने के फैसले का जोरदार स्वागत किया जा रहा है। वाराणसी के रक्षा विशेषज्ञ संजीव श्रीवास्तव ने इसे एक 'अत्यंत महत्वपूर्ण और उत्कृष्ट निर्णय' करार दिया है। उनका मानना है कि इस कदम से न केवल युवाओं को देश सेवा का एक और मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें स्थायी रूप से सेना में शामिल होने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

संजीव श्रीवास्तव के अनुसार, जो अग्निवीर अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, उनमें से 75 प्रतिशत को अब अतिरिक्त दो साल की सेवा का अवसर मिलेगा। इस अवधि के बाद, वे निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करके भारतीय सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से भर्ती होने के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारतीय सशस्त्र बलों के दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों की दृष्टि से बहुत अहम है।

आर्थिक लाभ और भविष्य की संभावनाएं

इस कार्यकाल विस्तार, जिसे 'सेकंड टूर' कहा जा रहा है, से अग्निवीरों को कई तरह के फायदे होंगे। संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि इस अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान उन्हें बेहतर वित्तीय लाभ, भत्ते और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। यह कदम सरकार की युवाओं के कल्याण और भविष्य को उज्ज्वल बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे न केवल सेना का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि एक युवा और भविष्य के लिए तैयार सशस्त्र बल बनाने के विजन को भी मजबूती मिलेगी।

वहीं, पूर्व नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने इस फैसले को अग्निवीरों और उनके परिवारों के लिए एक 'दिवाली गिफ्ट' बताया है। उन्होंने इसे एक 'विन-विन सिचुएशन' कहा, क्योंकि जहां युवाओं को रोजगार का मौका मिल रहा है, वहीं सेना को दो और साल के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति (ट्रेनिंग मैनपावर) उपलब्ध होगी।

बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए रक्षा बलों में समाहित होने का एक पूरा रास्ता तैयार किया है। चार साल के प्रदर्शन मूल्यांकन के बाद यह पाया गया कि अग्निवीरों की शारीरिक फिटनेस, प्रेरणा और तकनीकी अनुकूलन क्षमता बेहद सकारात्मक रही है। अब मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को तुरंत नियमित रोजगार दिया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत को उनकी इच्छा और सिफारिशों के आधार पर दो साल का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिसके बाद वे नियमित सैनिक बनने की प्रक्रिया से गुजर सकेंगे।

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