आगरा: नजूल भूमि पर बिल्डिंग मैप पास करने का मामला, ADA ने शुरू की जांच

आगरा के ढाकन स्क्वायर इलाके में एक आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए उस बिल्डिंग मैप की मंजूरी की जांच शुरू कर दी है, जो सरकारी नजूल भूमि पर दिया गया था। हैरानी की बात यह है कि जिस जमीन पर निर्माण की अनुमति दी गई, वह सरकारी रिकॉर्ड में नजूल भूमि के तौर पर दर्ज है।
पूरा मामला तब तूल पकड़ा जब नजूल विभाग ने इस निर्माण पर औपचारिक आपत्ति जताई। विभाग ने स्पष्ट किया था कि प्रशासन इस साइट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने में असमर्थ था क्योंकि जमीन की कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसके बावजूद, प्रशासनिक बाधाओं को नजरअंदाज करते हुए बिल्डिंग मैप को मंजूरी दे दी गई। अब ADA इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि जब जमीन सरकारी संपत्ति थी, तो आखिर यह क्लीयरेंस कैसे मिल गया।
फर्जी एनओसी और अधिकारियों की भूमिका की जांच
इस मामले में दस्तावेजों के विरोधाभास ने शक को और गहरा कर दिया है। शुरुआती दौर में सदर तहसीलदार और नजूल मुहर्रिर की एक आंतरिक रिपोर्ट में कहा गया था कि यह जमीन नजूल की नहीं है। लेकिन बाद में नजूल विभाग ने साफ किया कि उन्होंने केवल एक ही आधिकारिक पत्र जारी किया था, जिसमें इस साइट को सरकारी संपत्ति बताया गया था।
इस खुलासे के बाद ADA अब उस NOC को फर्जी मान रहा है जिसके आधार पर मैप पास किया गया था। ADA के उपाध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा है कि इस लापरवाही या गड़बड़ी में शामिल किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण अब बिल्डरों और विभाग के उन कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है जिन्होंने इस अवैध प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाई।