रामपुर जेल से रिहा हुए अब्दुल्ला आजम, बोले- 'हमारे नाम की वजह से मिल रही सजा'
रामपुर जेल से रिहा होने के बाद अब्दुल्ला आजम खान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें क्या है पूरा मामला और क्यों हुई उनकी रिहाई।

रामपुर जिला जेल से रिहा होने के बाद अब्दुल्ला आजम खान ने अपनी कानूनी मुश्किलों को लेकर सीधा हमला बोला है। 31 अक्टूबर, 2026 को जेल से बाहर आते ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को केवल उनके नाम की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर उनका और उनके पिता का नाम आजम खान और अब्दुल्ला आजम न होता, तो आज वे इस स्थिति में नहीं होते।
अब्दुल्ला आजम की यह रिहाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें अदालत ने 'दोहरे पैन कार्ड' मामले में उन्हें और उनके पिता, पूर्व यूपी कैबिनेट मंत्री आजम खान को जमानत दे दी थी। 29 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित करते हुए रिहाई का रास्ता साफ किया था। हालांकि, कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण बात यह स्पष्ट कर दी कि भले ही उन्हें जेल से राहत मिल गई हो, लेकिन उनकी दोषसिद्धि (conviction) पर रोक नहीं लगाई गई है, जिसका मतलब है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला अभी भी बरकरार है।
क्या है दोहरे पैन कार्ड का पूरा मामला?
यह पूरा विवाद साल 2019 में शुरू हुआ था, जब भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत दो अलग-अलग पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जिनमें जन्मतिथि भी अलग-अलग थी। इसी मामले में कानूनी कार्रवाई चलते हुए उन्हें जेल जाना पड़ा था।
दिलचस्प बात यह है कि जैसे ही वरिष्ठ नेता आजम खान जेल से बाहर आए, उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी हिरासत में ले लिया। उन्हें एक अलग जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए ले जाया गया है। इसके अलावा, आजम खान और उनके बेटे दोनों ही मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में ईडी और उत्तर प्रदेश सतर्कता विभाग (Vigilance Department) की जांच के दायरे में हैं।