Yamuna को साफ करने के लिए दिल्ली, UP और हरियाणा मिलकर बनाएंगे कमेटी, जनवरी 2028 तक पूरे होंगे प्रोजेक्ट

Delhi: यमुना नदी को फिर से जीवित करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) एक बड़ा प्लान तैयार कर रहा है। इस योजना के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक अंतरराज्यीय निगरानी समिति बनाने की सिफ

Delhi: यमुना नदी को फिर से जीवित करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) एक बड़ा प्लान तैयार कर रहा है। इस योजना के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक अंतरराज्यीय निगरानी समिति बनाने की सिफारिश की गई है। इस प्रस्ताव पर ‘यमुना डायलॉग’ के दौरान चर्चा हुई और इस पूरे ड्राफ्ट प्लान को सितंबर में होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में अंतिम रूप दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की और सख्त निर्देश दिए हैं कि नदी की सफाई के काम में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हर 20 दिन में प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस चेक करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यमुना पुनरुद्धार कार्यक्रम के कुल 91 एक्शन पॉइंट्स में से 44 पूरे हो चुके हैं, जबकि 47 पर अभी काम चल रहा है।

प्रदूषण को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा को निर्देश दिया गया है कि वे यमुना में गिरने वाले नालों से जुड़े सभी सीवेज ट्रीटमेंट और प्रदूषण नियंत्रण प्रोजेक्ट्स को जनवरी 2028 तक हर हाल में पूरा कर लें। इसके अलावा, डेयरी से निकलने वाले कचरे को रोकने के लिए MCD और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एक समझौता होगा, जिससे इस कचरे को बायोगैस और जैविक खाद में बदला जा सकेगा।

मुख्य बिंदु विवरण
निगरानी समिति दिल्ली, UP और हरियाणा के प्रतिनिधि शामिल होंगे
डेडलाइन जनवरी 2028 तक सभी सीवेज प्रोजेक्ट पूरे करने होंगे
सफाई की स्थिति 91 में से 44 पॉइंट्स पूरे, 47 पर काम जारी
सिल्ट हटाना लक्ष्य का 97% सिल्ट हटाया जा चुका है
STP प्लांट्स 129 चालू हैं, 59 नए प्लांट 2027 तक बनेंगे
रिव्यू साइकिल हर 20 दिन में प्रोग्रेस की समीक्षा होगी

एलजी टी.एस. संधू, जो DDA के चेयरमैन भी हैं, ने कहा है कि यमुना को साफ करना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि इसमें दिल्ली के लोगों और विशेषज्ञों को भी भागीदार बनना होगा। नदी के किनारों (floodplains) की योजना, घाटों का विकास और पानी की क्वालिटी सुधारने जैसे छह मुख्य विषयों पर ध्यान दिया जा रहा है।