Delhi: लेखिका और शिक्षाविद Madhu Kishwar मुश्किलों में घिर गई हैं। उन पर सोशल मीडिया के जरिए गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगा है। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और जांच के लिए उनकी दिल्ली स्थित ऑ
Delhi: लेखिका और शिक्षाविद Madhu Kishwar मुश्किलों में घिर गई हैं। उन पर सोशल मीडिया के जरिए गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगा है। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और जांच के लिए उनकी दिल्ली स्थित ऑफिस और घर पर पहुंचकर नोटिस थमाया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों दर्ज हुई FIR
चंडीगढ़ के एक निवासी ने 19 अप्रैल 2026 को पुलिस में शिकायत की थी। आरोप है कि Madhu Kishwar और कुछ अन्य लोगों ने जानबूझकर गलत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत के मुताबिक, इसका मकसद एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करना और समाज में अशांति फैलाना था। इस शिकायत के आधार पर 20 अप्रैल को सेक्टर-26 पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और Madhu Kishwar का जवाब
चंडीगढ़ पुलिस की टीम नोटिस देने के लिए दिल्ली पहुंची। Madhu Kishwar ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बताया कि पुलिस टीम रात के समय उनके घर आई थी। उन्होंने कानून का हवाला देते हुए पुलिस से सुबह आने को कहा, क्योंकि नियमों के मुताबिक रात में महिलाओं से पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। पुलिस ने इस मामले में वीडियो में दिख रहे ट्रैवल व्लॉगर और उनकी पत्नी के बयान भी दर्ज कर लिए हैं।
किन धाराओं के तहत लगा है आरोप
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की कई गंभीर धाराएं लगाई हैं:
| धारा/कानून |
आरोप का विवरण |
| BNS 196 |
विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना |
| BNS 336(1) |
जाली दस्तावेज बनाना |
| BNS 356 |
आपराधिक मानहानि |
| IT एक्ट (66C, 66D, 67) |
कंप्यूटर और इंटरनेट का गलत इस्तेमाल |