World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से काफी बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना Strait of Hormuz की नाकाबंदी शुरू करेगी और उन जहाजों को रोकेगी जो ईरान को टैक्स दे
World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से काफी बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना Strait of Hormuz की नाकाबंदी शुरू करेगी और उन जहाजों को रोकेगी जो ईरान को टैक्स दे रहे हैं। इस बयान पर ईरान के नौसेना कमांडर Rear Admiral Shahram Irani ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने ट्रंप की इस बात को हास्यास्पद बताया और कहा कि ईरानी सेना क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
Donald Trump की घोषणा और अमेरिका की क्या है तैयारी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कहा कि अमेरिकी नौसेना तुरंत Strait of Hormuz की नाकाबंदी शुरू करेगी। US Central Command (CENTCOM) ने इस बात की पुष्टि की है कि यह कार्रवाई सोमवार 13 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। अमेरिका का कहना है कि वे उन बारूदी सुरंगों को भी नष्ट करेंगे जिन्हें ईरान ने समुद्र में बिछाया है। यह फैसला तब आया है जब पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता पूरी तरह से विफल हो गई।
- नाकाबंदी 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे (ET) से लागू होगी
- यह नाकाबंदी मुख्य रूप से ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों पर लागू होगी
- अमेरिकी नौसेना उन जहाजों को रोकेगी जो ईरान को टोल का भुगतान करते हैं
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत टूटने के बाद यह तनाव बढ़ा है
ईरान का कड़ा संदेश और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz उनके पूर्ण नियंत्रण में है और गैर-सैन्य जहाजों के लिए यह रास्ता खुला रहेगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य जहाज ने अगर सीमा लांघने की कोशिश की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। दूसरी ओर, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने इस नाकाबंदी में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ब्रिटेन ने कहा है कि वह नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन करता है लेकिन वह अमेरिकी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा।
| प्रमुख संस्था/देश |
ताजा रुख और प्रतिक्रिया |
| ईरानी नौसेना |
ट्रंप के बयान को ‘मजाकिया’ बताया और निगरानी तेज की |
| US CENTCOM |
13 अप्रैल से नाकाबंदी लागू करने की पुष्टि की |
| ब्रिटेन |
नाकाबंदी में शामिल होने से साफ इनकार किया |
| ऑस्ट्रेलिया |
कहा कि अमेरिका ने उनसे कोई मदद नहीं मांगी है |
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर काफी असर पड़ा है। कई बड़े जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है या फिर वे समुद्र में ही रुके हुए हैं। इससे तेल और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।