Delhi: वेस्ट दिल्ली के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब नजफगढ़ और नांगलोई के बीच सफर करना आसान हो जाएगा क्योंकि यहां नया मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने फेज 5B के तहत ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई के बीच इस लाइन
Delhi: वेस्ट दिल्ली के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब नजफगढ़ और नांगलोई के बीच सफर करना आसान हो जाएगा क्योंकि यहां नया मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने फेज 5B के तहत ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई के बीच इस लाइन को मंजूरी दे दी है। इससे इलाके के लोगों को ट्रैफिक के झंझट और जाम से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा।
नया मेट्रो कॉरिडोर और इसकी खासियतें क्या हैं?
यह नया कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड होगा, यानी मेट्रो जमीन से ऊपर चलेगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 11.8 से 11.9 किलोमीटर होगी। इस रूट पर कुल 9 आधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट की मंजूरी की पुष्टि की है और कहा है कि इससे शहर का संतुलित विकास होगा।
किन इलाकों को मिलेगा फायदा और कहां होंगे इंटरचेंज?
इस मेट्रो लाइन से नजफगढ़, बक्करवाला, नांगलोई, नरेश पार्क एक्सटेंशन, रणहौला, बप्रोला, डिचोन कलां और नजफगढ़ एक्सटेंशन जैसे इलाकों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए नांगलोई पर ग्रीन लाइन और ढांसा बस स्टैंड पर ग्रे लाइन के साथ इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और समय सीमा क्या है?
DMRC ने इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) केंद्र सरकार को भेज दी है और अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। निर्माण शुरू होने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार से अंतिम वित्तीय मंजूरी मिलना बाकी है। यह कॉरिडोर उन चार प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स में शामिल है जिन्हें साल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ढांसा बस स्टैंड-नांगलोई मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई कितनी होगी और कितने स्टेशन होंगे?
इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 11.8 से 11.9 किलोमीटर होगी और इसमें कुल 9 आधुनिक स्टेशन बनाए जाएंगे।
यह मेट्रो प्रोजेक्ट कब तक पूरा होने की उम्मीद है?
यह प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो के फेज 5B का हिस्सा है और इसे 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।