दुनियाभर में फिर बढ़ा Vinyl Records का क्रेज, Gen Z के बीच म्यूजिक सुनने का बदला अंदाज
World: आजकल के दौर में जहां लोग मोबाइल पर गाने सुनते हैं, वहीं एक बार फिर पुराने जमाने के Vinyl Records (रिकॉर्ड्स) का चलन बढ़ गया है। अब सिर्फ पुराने लोग ही नहीं, बल्कि 20 से 35 साल के युवा भी इन रिकॉर्ड्स को पसंद कर रह
World: आजकल के दौर में जहां लोग मोबाइल पर गाने सुनते हैं, वहीं एक बार फिर पुराने जमाने के Vinyl Records (रिकॉर्ड्स) का चलन बढ़ गया है। अब सिर्फ पुराने लोग ही नहीं, बल्कि 20 से 35 साल के युवा भी इन रिकॉर्ड्स को पसंद कर रहे हैं। यह ट्रेंड केवल यादों के लिए नहीं है, बल्कि संगीत के साथ एक अलग जुड़ाव महसूस करने के लिए है।
इस बदलाव का असर भारत में भी दिख रहा है। पुणे के Oceanic Sound and Vision के मालिक महेंद्र दवे ने बताया कि पिछले दो सालों में रिकॉर्ड्स और प्लेयर की बिक्री चार गुना बढ़ गई है। लोग अब इसकी बेहतर साउंड क्वालिटी को पहचान रहे हैं। वहीं दिल्ली रिकॉर्ड स्टोर के सह-संस्थापक समर्थ कोट्रु के मुताबिक, युवा अब एनालॉग कल्चर की तरफ लौट रहे हैं। मुंबई के साजी पिल्लई, जिन्होंने भारत में एक विनाइल प्लांट खोला है, उनका कहना है कि डिजिटल में वह अहसास नहीं है जो रिकॉर्ड को छूने और महसूस करने में आता है।
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह क्रेज काफी बड़ा है। अमेरिका में 2025 में विनाइल की बिक्री 1 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गई थी, जिसमें करीब 46.8 मिलियन यूनिट्स बिकीं। 2026 के लिए यह अनुमान है कि वहां राजस्व 1.6 से 1.7 बिलियन डॉलर तक जा सकता है। वैश्विक स्तर पर भी फिजिकल म्यूजिक सेल्स में विनाइल का बड़ा हाथ है।
| क्षेत्र/रिपोर्ट | डेटा/अनुमान | समय सीमा |
|---|---|---|
| US Revenue | $1.6-1.7 Billion (अनुमानित) | 2026 |
| US Units Sold | 50-52 Million (अनुमानित) | 2026 |
| Global Revenue Growth | 13.7% वृद्धि | IFPI 2026 |
| Indian Market Value | $62.1 Million (Rs 594.75 Cr) | 2024 |
| Indian Market Projection | $112.5 Million (Rs 1,077.68 Cr) | 2033 |
विशेषज्ञों का मानना है कि लोग अब Spotify जैसे ऐप्स की अंतहीन लिस्ट से थक चुके हैं और ‘इंटेंशनल लिसनिंग’ की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें व्यक्ति पूरा एल्बम धैर्य के साथ सुनता है और उसके आर्टवर्क का आनंद लेता है। टेलर स्विफ्ट और बिली ईलिश जैसे बड़े कलाकारों के रिकॉर्ड्स आने से भी यह मांग बढ़ी है। अब रिकॉर्डिंग प्लांट्स में भी काम बढ़ गया है और इंडी लेबल्स के लिए रिकॉर्ड्स बनवाने का समय 12-18 महीने से घटकर 6-9 महीने रह गया है।