Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का स्लैब गंगा नदी में गिरने से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के 16 जिलों का संपर्क टूट गया था। अब IIT Patna की रिपोर्ट में हादसे की वजह सामने आई है, जिसके बाद सरकार ने यहां नया ट्रस ब्रि
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का स्लैब गंगा नदी में गिरने से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के 16 जिलों का संपर्क टूट गया था। अब IIT Patna की रिपोर्ट में हादसे की वजह सामने आई है, जिसके बाद सरकार ने यहां नया ट्रस ब्रिज बनाने का फैसला किया है। फिलहाल लोगों की सुविधा के लिए बेली ब्रिज के जरिए हल्के वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है।
स्लैब गिरने की क्या थी वजह और अब क्या होगा
IIT Patna ने राज्य सरकार को सौंपी अपनी शुरुआती रिपोर्ट में बताया कि सस्पेंशन डेक की चौड़ाई मानक से कम थी, जिसकी वजह से स्लैब नदी में गिरा। पुल निर्माण निगम ने इस रिपोर्ट को सही माना है। अब पुराने पुल के समानांतर 4 किलोमीटर लंबा एक आधुनिक ट्रस ब्रिज बनाया जाएगा। इस काम की जिम्मेदारी सीमा सड़क संगठन (BRO) को दी गई है, जो वेल फाउंडेशन तकनीक का इस्तेमाल करेगा ताकि पुल मजबूत रहे।
बेली ब्रिज पर ट्रैफिक और नए पुल का समय
7 जून 2026 से बेली ब्रिज पर छोटी गाड़ियां, ऑटो और मोटरसाइकिल चलने लगी हैं। जाम से बचने के लिए दोनों तरफ से हर 15 मिनट के अंतराल पर वन-वे ट्रैफिक चलाया जा रहा है। एक बार में केवल एक ही गाड़ी पुल पार कर पाएगी, जबकि बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। नए ट्रस ब्रिज का काम 15 सितंबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है और नवंबर 2026 तक सभी वाहनों के लिए रास्ता खोलने का लक्ष्य है।
लापरवाही पर एक्शन और सेफ्टी ऑडिट
पुल के रखरखाव में कमी और लापरवाही के आरोप में NH डिवीजन के कार्यपालक अभियंता संकेत कुमार रोशन को सस्पेंड कर दिया गया है। IIT Patna की टीम ने पुल का सेफ्टी ऑडिट भी किया है, जिसमें एक्सपेंशन गैप में बड़ी दरारें मिली हैं। टीम कुछ स्लैब को कमजोर घोषित करने की तैयारी में है ताकि आगे किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बेली ब्रिज पर किस तरह के वाहनों को अनुमति है?
बेली ब्रिज पर केवल हल्के वाहनों जैसे छोटी गाड़ियां, ऑटो-रिक्शा और मोटरसाइकिल को अनुमति है। भारी वाहनों जैसे बस और ट्रक का परिचालन फिलहाल पूरी तरह बंद है।
नया ट्रस ब्रिज कब तक बनकर तैयार होगा?
नये ट्रस ब्रिज का निर्माण कार्य 15 सितंबर 2026 से शुरू होने का लक्ष्य है और नवंबर 2026 तक इस पर सामान्य यातायात बहाल करने की योजना है।