Bihar: भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद हजारों लोग गंगा पार करने के लिए जहाज सेवा पर निर्भर हैं। लेकिन जहाजों के समय पर न पहुंचने और तकनीकी खराबी की वजह से यात्रियों को चिलचिलाती धूप में
Bihar: भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद हजारों लोग गंगा पार करने के लिए जहाज सेवा पर निर्भर हैं। लेकिन जहाजों के समय पर न पहुंचने और तकनीकी खराबी की वजह से यात्रियों को चिलचिलाती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यह सुविधा अब राहत के बजाय लोगों के लिए नई मुसीबत बन गई है, जिससे प्रशासन से जहाजों की संख्या बढ़ाने की मांग हो रही है।
जहाज सेवा में क्या हैं मुख्य समस्याएं और प्रशासन की तैयारी
विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब गिरने से पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद है और इसकी मरम्मत में करीब तीन महीने लग सकते हैं। वर्तमान में चलने वाली नौका सेवाओं में देरी और तकनीकी खराबी बड़ी समस्या बनी हुई है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने फेरी और कार्गो सेवाओं के लिए दरें तय करने का निर्णय लिया है ताकि पारदर्शिता रहे। साथ ही, एआईएस (Automatic Identification System) प्रणाली से जहाजों की रियल टाइम निगरानी और मौसम अलर्ट की व्यवस्था की जा रही है।
यात्रियों की सुरक्षा और घाटों पर क्या इंतजाम किए गए हैं
प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। मोटरबोट के ऊपरी हिस्से (डबल-स्टोरी) पर यात्रियों के बैठने की मनाही है, वहां सिर्फ चालक और क्रू सदस्य ही रह सकते हैं। महादेवपुर घाट पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और आपदा मित्रों की तैनाती की गई है। नगर निगम को घाटों की सफाई और डस्टबिन रखने का निर्देश दिया गया है, जबकि SDRF की टीमें जलमार्गों पर गश्त कर रही हैं।
माल ढुलाई और किसानों के लिए क्या विशेष सुविधा है
आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए कोलकाता से चार बड़े मालवाहक जहाज मंगाए गए हैं, जो तिनटंगा करारी और कहलगांव घाट के बीच चलेंगे। ये जहाज एक बार में 10 से 24 वाहनों को ले जाने में सक्षम हैं। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने किसानों के लिए विशेष निःशुल्क नाव सेवा शुरू की है, जिससे वे अपना दूध, फल और सब्जियां आसानी से गंगा पार ले जा सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु कब तक ठीक होने की उम्मीद है?
पुल की मरम्मत में लगभग तीन महीने का समय लगने की उम्मीद है और दिसंबर 2026 तक नए समानांतर पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
झारखंड जाने वाले यात्रियों के लिए क्या विकल्प है?
आधिकारिक फेरी सेवा निलंबित होने के कारण झारखंड जाने वाले यात्री कटिहार के मनिहारी गंगा घाट से साहिबगंज तक छोटी नावों का उपयोग कर रहे हैं, जिसे जल्द ठीक करने का आश्वासन जिला प्रशासन ने दिया है।