Bihar: उत्तरी और दक्षिणी बिहार को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु फिलहाल टूटने की वजह से बंद है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। अब राहत की खबर यह है कि जून के पहले सप्ताह तक छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुल जाएगा। Borde
Bihar: उत्तरी और दक्षिणी बिहार को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु फिलहाल टूटने की वजह से बंद है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। अब राहत की खबर यह है कि जून के पहले सप्ताह तक छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुल जाएगा। Border Roads Organisation (BRO) के एडिशनल डायरेक्टर और जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मौके पर पहुंचकर काम का जायजा लिया है।
कब से शुरू होगा यातायात और क्या है अपडेट
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया है कि 5 जून 2026 तक छोटे वाहनों के लिए यातायात बहाल कर दिया जाएगा। इसके लिए बेली ब्रिज का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुल तीन बेली ब्रिज बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक तैयार हो चुका है और बाकी दो पर काम तेजी से चल रहा है। पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्देश दिया है कि मई के अंत तक पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों के लिए रास्ता तैयार होना चाहिए।
पुल क्यों गिरा और स्थायी मरम्मत में कितना समय लगेगा
यह हादसा 4 मई 2026 की रात को हुआ था, जब पिलर संख्या 133 के पास स्लैब गंगा नदी में गिर गया था। पुल की स्थायी मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लगने की उम्मीद है। इसके लिए नई सड़क बनाने और बेयरिंग बदलने की योजना है, जिस पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस काम के लिए IIT पटना तकनीकी मदद दे रहा है और 55 एजेंसियों का एक पैनल भी तैयार किया गया है।
वैकल्पिक रास्ते और अधिकारियों के निर्देश
जब तक पुल पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, लोगों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के पुलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। मुख्य अभियंता संजय कुमार भारती ने साफ किया है कि पुल को जल्द चालू करना प्राथमिकता है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमित रखरखाव पर जोर दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर छोटे वाहनों के लिए रास्ता कब खुलेगा
जिलाधिकारी के अनुसार, बेली ब्रिज के जरिए 5 जून 2026 तक छोटे वाहनों के लिए यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
पुल की स्थायी मरम्मत में कितना खर्च और समय लगेगा
स्थायी मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लगेगा और इसके लिए लगभग 50 करोड़ रुपये का बजट अनुमानित है।