Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया है, जिससे भागलपुर से नवगछिया जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस हादसे की वजह से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थि
Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया है, जिससे भागलपुर से नवगछिया जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस हादसे की वजह से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि कई लोग घाटों पर फंसे हुए हैं और अपनी छोटी बच्चियों या परिवार के सदस्यों से दूर हो गए हैं क्योंकि सुरक्षा कारणों से रात में नावों का चलना बंद कर दिया गया है।
पुल टूटने से क्या है ताजा स्थिति और प्रशासन का क्या कहना है
पुल का करीब 33 मीटर लंबा स्लैब पिलर नंबर 133 के पास टूटकर नदी में गिरा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण कर अधिकारियों को तीन महीने के अंदर मरम्मत का काम पूरा करने को कहा है। उन्होंने इस काम में मदद के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख से भी संपर्क किया है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाल ने बताया कि आईआईटी पटना और एनआईटी पटना के विशेषज्ञ इस मामले में सलाह दे रहे हैं और उनकी टीम भागलपुर में ही कैंप कर रही है।
यात्रियों के लिए क्या नियम लागू किए गए हैं और विकल्प क्या हैं
सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले नावों के चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। जिला प्रशासन ने नावों पर अधिकतम 50 यात्रियों की सीमा तय की है। बरारी, बाबूपुर और महादेवपुर घाट से नवगछिया तक मुफ्त नाव सेवा शुरू की गई है। जो यात्री शाम के बाद पहुंच रहे हैं, उनके लिए मायागंज और तातारपुर में नाइट शेल्टर को मुफ्त कर दिया गया है।
ट्रैफिक रूट और यात्रा पर क्या असर पड़ा है
पुल बंद होने के कारण अब यातायात को मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु और खगड़िया के पुलों की तरफ मोड़ा गया है। इस वजह से यात्रियों को 60 से 80 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत नावों का इस्तेमाल करें और क्षमता से अधिक भीड़ वाली नावों में न बैठें। दिसंबर तक एक नया समानांतर पुल चालू होने की उम्मीद जताई गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत में कितना समय लगेगा
प्रशासन और विशेषज्ञों के अनुसार पुल की मरम्मत में लगभग तीन महीने का समय लगने का अनुमान है और दिसंबर तक एक नया समानांतर पुल शुरू होने की उम्मीद है।
नवगछिया जाने के लिए अभी क्या विकल्प मौजूद हैं
यात्री बरारी, बाबूपुर और महादेवपुर घाट से मुफ्त नाव सेवा का लाभ ले सकते हैं, जो केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपलब्ध है। इसके अलावा ट्रैफिक को मुंगेर और खगड़िया पुलों की तरफ डायवर्ट किया गया है।