Bihar: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए जा रहे पहले अस्थायी बेली ब्रिज (Belly Bridge) का रैंप बनकर तैयार हो गया है। शनिवार को रैंप का काम पूरा कर लिया गया, जिससे अब वाहनों का चढ़ना और उतरना आसान होगा। यह बेल
Bihar: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए जा रहे पहले अस्थायी बेली ब्रिज (Belly Bridge) का रैंप बनकर तैयार हो गया है। शनिवार को रैंप का काम पूरा कर लिया गया, जिससे अब वाहनों का चढ़ना और उतरना आसान होगा। यह बेली ब्रिज मुख्य पुल के रास्ते से करीब डेढ़ फीट ऊंचा बनाया गया है ताकि पुल की मजबूती बनी रहे।
ट्रायल रन और ट्रैफिक कब शुरू होगा?
रविवार को सुपरवाइजरी इंजीनियरों की मौजूदगी में पुल का ट्रायल रन किया जाएगा। शुरुआत में पैदल चलने वालों के वजन से इसकी जांच होगी। मंगलवार को प्लेट्स बिछाने का काम होगा और बुधवार या गुरुवार को दूसरा ट्रायल रन हो सकता है। पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र के मुताबिक, 5 जून तक हल्के वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
BRO के काम की रफ्तार और अन्य पुलों की स्थिति
Border Roads Organisation (BRO) ने क्षतिग्रस्त हिस्से पर 170 फुट का पहला बेली ब्रिज सफलतापूर्वक डाल दिया है। तीसरे बेली ब्रिज का काम शुरू हो चुका है, जो गुरुवार या शुक्रवार रात तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, चौथे बेली ब्रिज के लिए रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद कोलकाता से सामान मंगवाया जाएगा।
पुल क्यों टूटा और अब क्या होगा?
यह हादसा 4 मई 2026 को पिलर नंबर 133 के पास हुआ था, जिसके बाद पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। जांच में पता चला कि बॉल-बेयरिंग में खराबी और पिछले आठ सालों से मेंटेनेंस न होना इसकी वजह थी। फिलहाल IIT पटना पूरे पुल का सेफ्टी ऑडिट कर रहा है, जिसकी रिपोर्ट तीन हफ्ते में आएगी। लंबे समय के लिए सरकार दो लेन का ट्रस ब्रिज बनाने की तैयारी में है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बेली ब्रिज पर किस तरह के वाहन चल सकेंगे?
अस्थायी बेली ब्रिज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इस पर अधिकतम 10 टन वजन वाले वाहन ही चल पाएंगे।
पुल के पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगेगा?
हल्के वाहनों के लिए 5 जून तक रास्ता खुलने की उम्मीद है, जबकि स्थायी दो-लेन ट्रस ब्रिज को पूरा करने का लक्ष्य दो महीने का रखा गया है।