Bihar: भागलपुर का महत्वपूर्ण विक्रमशिला पुल अचानक टूट गया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। 3 मई की रात या 4 मई की सुबह पुल का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे की वजह से यातायात पूरी तरह बंद है और सबसे ज
Bihar: भागलपुर का महत्वपूर्ण विक्रमशिला पुल अचानक टूट गया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। 3 मई की रात या 4 मई की सुबह पुल का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे की वजह से यातायात पूरी तरह बंद है और सबसे ज्यादा असर यहाँ के सिल्क कारोबार पर पड़ा है, जिसकी सप्लाई असम और बंगाल तक जाती थी।
पुल टूटने से आम जनता और कारोबारियों पर क्या असर पड़ा?
पुल के पिलर नंबर 133 के पास करीब 33 मीटर का हिस्सा नदी में समा गया है। इससे भागलपुर के रेशम बुनकरों और छोटे व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सिल्क के अलावा दूध, केला और सब्जी बेचने वाले छोटे कारोबारी भी परेशान हैं क्योंकि उनकी सप्लाई चेन टूट गई है। इस हादसे से बिहार के करीब 16 जिलों का आवागमन प्रभावित हुआ है।
सरकार ने क्या कदम उठाए और अब क्या होगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का तकनीकी मूल्यांकन करने और ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ने का आदेश दिया है। उन्होंने भारतीय सेना और BRO से मदद मांगी है। फिलहाल पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहनों के लिए मुफ्त स्टीमर सेवा शुरू की गई है। मुंगेर-भागलपुर मार्ग और NH 33 के जरिए गाड़ियां निकाली जा रही हैं। लापरवाही के आरोप में सड़क निर्माण विभाग के एक कार्यकारी अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया है।
मरम्मत में कितना समय और पैसा लगेगा?
IIT पटना और NIT पटना के विशेषज्ञों की टीम जांच कर रही है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक मरम्मत में करीब 75 से 80 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और काम पूरा होने में कम से कम तीन महीने लग सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुल के तीन स्लैब खराब हो चुके हैं, जिनमें से दो को पूरी तरह तोड़कर दोबारा बनाना पड़ सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला पुल के टूटने से कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं?
इस हादसे से मुख्य रूप से बिहार के 16 जिले प्रभावित हुए हैं और सिल्क की सप्लाई बाधित होने से असम और पश्चिम बंगाल के बाजारों पर असर पड़ा है।
पुल की मरम्मत में कितना समय लगेगा और वैकल्पिक रास्ता क्या है?
मरम्मत में करीब तीन महीने लगने की उम्मीद है। फिलहाल मुंगेर-भागलपुर मार्ग (श्री कृष्ण सेतु और NH 33) का उपयोग वैकल्पिक रास्ते के तौर पर किया जा रहा है।