Bihar, Maharashtra: वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam अपनी भारत यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और खान-पान के रंग में रंगे नजर आए। भारत सरकार ने उनकी मेजबानी के दौरान बिहार और महाराष्ट्र की खास पारंपरिक चीजों को मेन्यू में शा
Bihar, Maharashtra: वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam अपनी भारत यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और खान-पान के रंग में रंगे नजर आए। भारत सरकार ने उनकी मेजबानी के दौरान बिहार और महाराष्ट्र की खास पारंपरिक चीजों को मेन्यू में शामिल किया। इस पहल के जरिए भारत ने दुनिया के सामने अपनी खेती और क्षेत्रीय व्यंजनों की richness को पेश किया।
वियतनाम राष्ट्रपति को क्या परोसा गया?
राष्ट्रपति To Lam के स्वागत में बिहार और महाराष्ट्र के खास GI-टैग वाले प्रोडक्ट्स परोसे गए। बिहार की तरफ से मशहूर सिलाव खाजा, गया का अनरसा, मिथिला मखाना और हाजीपुर के मालभोग केले दिए गए। वहीं महाराष्ट्र की तरफ से रत्नागिरी के प्रीमियम आम पेश किए गए। यह कदम भारत की कृषि विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए उठाया गया था।
यात्रा के दौरान कहाँ-कहाँ गए राष्ट्रपति To Lam?
राष्ट्रपति To Lam की यह यात्रा 5 मई से 7 मई 2026 तक चली। उन्होंने बिहार के बोधगया का दौरा किया जहाँ उन्होंने महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। इसके अलावा उन्होंने मुंबई का भी दौरा किया। दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट भी गए।
भारत और वियतनाम के रिश्तों पर क्या असर होगा?
यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हुई थी। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। दोनों देशों ने ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ पर एक संयुक्त बयान जारी किया है। इससे आने वाले समय में व्यापार और आपसी सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वियतनाम राष्ट्रपति ने बिहार में कहाँ का दौरा किया?
राष्ट्रपति To Lam ने 5 मई को बिहार के बोधगया का दौरा किया और महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की, जहाँ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया।
मेजबानी के दौरान कौन से खास पकवान परोसे गए?
बिहार से सिलाव खाजा, गया अनरसा, मिथिला मखाना, हाजीपुर मालभोग केला और महाराष्ट्र से रत्नागिरी आम परोसे गए।