Venezuela में भूकंप से भारी तबाही, Delhi-NCR के लिए जारी हुई चेतावनी; जान लें बचाव के जरूरी नियम
Delhi: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने पूरी दुनिया को डरा दिया है। वहां 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े झटकों ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 32 लोगों की जान गई और करीब 700 लोग घायल हुए। इस घटना के बाद दिल्ली-एनसीआर में
Delhi: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने पूरी दुनिया को डरा दिया है। वहां 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े झटकों ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 32 लोगों की जान गई और करीब 700 लोग घायल हुए। इस घटना के बाद दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के बीच भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि दिल्ली भूकंप के लिहाज से एक संवेदनशील इलाका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में हुई इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर वहां की सरकार और लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत हर संभव मदद के लिए तैयार है।
विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय क्षेत्र IV (Zone 4) में आता है, जिसका मतलब है कि यहां बड़े भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने चेतावनी दी है कि दिल्ली में एक बड़ी भूकंपीय आपदा की वास्तविक संभावना है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के प्रमुख ओ.पी. मिश्रा ने बताया कि दिल्ली में अक्सर कम तीव्रता के झटके महसूस होते हैं, जो स्थानीय भूवैज्ञानिक स्थितियों की वजह से होते हैं। वैज्ञानिकों ने यह भी आशंका जताई है कि हिमालयी क्षेत्र में 8.0 से अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है, जिसका असर दिल्ली और उत्तर भारत में बहुत बुरा होगा।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने लोगों को शांत रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो इन आधिकारिक नियमों का पालन करें:
| समय | क्या करें और क्या न करें |
|---|---|
| भूकंप से पहले | इमरजेंसी किट तैयार रखें, भारी सामान को दीवारों से बांधें, घर की दरारों की मरम्मत कराएं और बिल्डिंग खरीदने से पहले उसके ‘भूकंप-प्रतिरोधी’ होने के कागजात जांचें। |
| भूकंप के दौरान | ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन’ नियम अपनाएं। मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें, लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और कांच की खिड़कियों से दूर रहें। बाहर हों तो खुले मैदान में जाएं। |
| भूकंप के बाद | गैस रिसाव और बिजली की जांच करें, संदिग्ध होने पर स्विच बंद कर दें। घायलों की मदद करें और केवल आधिकारिक समाचारों पर ही भरोसा करें। |
| मलबे में फंसे होने पर | माचिस न जलाएं, मुंह को कपड़े से ढकें और बचाव दल को संकेत देने के लिए पाइप या दीवार को खटखटाएं। |
हालिया अपडेट्स में यह बात सामने आई है कि सरकार ने नवंबर 2025 में लाए गए एक भूकंपीय कोड को रद्द कर दिया है, जिससे विशेषज्ञों में चिंता है। हालांकि, दिल्ली मेट्रो का बुनियादी ढांचा 7 तीव्रता तक के झटकों को सहने के लिए बनाया गया है, इसलिए मेट्रो यात्रा के दौरान घबराने की जरूरत नहीं है। किसी भी आपात स्थिति में दिल्ली पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है।