Vasai-Virar में भारी बारिश का कहर, 5 और शव मिले, अब तक 10 लोगों की मौत

Maharashtra/Palghar: वसई-विरार इलाके में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। पिछले दो दिनों के भीतर शहर के अलग-अलग हिस्सों से पांच और शव बरामद किए गए हैं, जिससे मानसून के दौरान मरने वालों

Maharashtra/Palghar: वसई-विरार इलाके में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। पिछले दो दिनों के भीतर शहर के अलग-अलग हिस्सों से पांच और शव बरामद किए गए हैं, जिससे मानसून के दौरान मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि ज्यादातर लोग बाढ़ के पानी में बह गए या डूबने की वजह से उनकी मौत हुई।

जानकारी के मुताबिक, 10 जुलाई को चार और 11 जुलाई को एक शव मिला। इससे पहले 9 जुलाई को प्रशासन ने बारिश से जुड़ी डूबने की छह मौतों की खबर दी थी। मरने वालों में प्रदीप कुमार गौतम (32 वर्ष) और निलेश सिंह (43 वर्ष) की पहचान हुई है, जो पिछले कुछ दिनों से लापता थे, जबकि तीन अन्य शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। इस तबाही का मुख्य कारण लगातार पांच दिनों तक हुई भारी बारिश रही, जिसमें पालघर जिले में चार दिनों तक हर दिन 200 मिमी से ज्यादा पानी बरसा।

इतनी ज्यादा बारिश की वजह से शहर के नाले, झीलें और जलाशय ओवरफ्लो हो गए, जिससे चारों तरफ पानी भर गया। इस स्थिति पर बीजेपी विधायक स्नेहा दुबे-पंडित ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि महज चार घंटे की बारिश में पूरा शहर डूब जाता है, जो खराब प्लानिंग को दर्शाता है। वहीं, शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने सिल्टिंग (नालों की सफाई) के काम की जांच के आदेश दिए हैं और 15 दिनों के भीतर एक फुल-टाइम सिटी इंजीनियर नियुक्त करने की बात कही है।

नगर निगम (VVCMC) के कार्यकारी इंजीनियर सुरेंद्र ठाकरे ने बताया कि जमा पानी को निकालने के लिए शहर में 58 पंप लगाए गए हैं। मेयर अजीव पाटिल ने बताया कि एक ही शनिवार को 170 मिमी से ज्यादा बारिश हुई, जिससे जलभराव बढ़ा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ किसानों द्वारा फ्लडगेट न खोलने की वजह से भी पानी जमा हुआ। मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य को हाई अलर्ट पर रखा था और लोगों को जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई थी।