Bihar : वाराणसी और कोलकाता के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे (NH-319B) बिहार के चार प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर सिर्फ 6-7 घंटे रह जाएगा। इस प्र
Bihar : वाराणसी और कोलकाता के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे (NH-319B) बिहार के चार प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर सिर्फ 6-7 घंटे रह जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 35,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और बिहार के कई इलाकों में इसका काम शुरू हो चुका है।
बिहार के किन जिलों को होगा फायदा और क्या है रूट
यह एक्सप्रेसवे बिहार के रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और गया जिलों से होकर निकलेगा। बिहार में इसकी कुल लंबाई लगभग 159 किलोमीटर है, हालांकि सासाराम वाले नए रूट की वजह से यह बढ़कर 186 किलोमीटर तक हो सकती है। इस प्रोजेक्ट का मकसद सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और सफर की दूरी को कम करना है।
चौथे पैकेज और निर्माण की ताजा अपडेट क्या है
केंद्र सरकार ने बिहार के चौथे पैकेज के लिए नया प्रस्ताव मांगा है। यह हिस्सा 41 किलोमीटर लंबा होगा और खास तौर पर रोहतास और कैमूर जिलों से गुजरेगा। इसके अलावा, कैमूर की पहाड़ियों में 5 किलोमीटर लंबी एक टनल (सुरंग) भी बनाई जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक्सप्रेसवे से स्थानीय लोगों को क्या लाभ मिलेगा
सड़क के साथ-साथ आर्थिक तरक्की के लिए बिहार सरकार गया, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद में चार इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की योजना बना रही है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और सामान का एक्सपोर्ट करना आसान होगा। प्रोजेक्ट की मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देखें:
| विवरण |
जानकारी |
| कुल लागत |
₹35,000 करोड़ |
| बिहार के जिले |
रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, गया |
| यात्रा समय में कमी |
12-14 घंटे से घटकर 6-7 घंटे |
| विशेष निर्माण |
कैमूर पहाड़ियों में 5 किमी लंबी टनल |
| पूरा होने का लक्ष्य |
2027 तक |
| प्रोजेक्ट ओनर |
NHAI |