Uttarakhand पुलिस कांस्टेबल ने जंतर-मंतर पर उतारा बैज, खुद को बताया बागी; पुलिस ने शुरू की जांच
Uttarakhand: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बड़ा हंगामा हुआ। उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह ने मंच से सरकार और व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना
Uttarakhand: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बड़ा हंगामा हुआ। उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह ने मंच से सरकार और व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना पुलिस बैज और इस्तीफा पत्र कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को सौंप दिया और खुद को बागी घोषित कर दिया।
यह पूरी घटना 24 जुलाई 2026 को हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। शेर सिंह ने मंच से गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में पटवारी के पेपर परचून की दुकानों पर बिकते हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके साथ-साथ और भी कई सिपाही नौकरी छोड़ने को तैयार हैं। एक विवादित बयान में उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए आरएसएस के गुंडों पर एके-47 चलाने की बात कही।
दूसरी तरफ उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले में अपनी स्थिति साफ की है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार शेर सिंह पिथौरागढ़ में तैनात थे, लेकिन वह 2025 से निलंबित चल रहे थे। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या शेर सिंह अभी भी सेवा में हैं और अगर वह निलंबित थे, तो पुलिस वर्दी पहनकर सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होना नियमों के खिलाफ है।
कुछ रिपोर्टों में शेर सिंह का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया है। बताया गया है कि 2025 में हरिद्वार के एक मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था, जिसमें गरीबों की जमीन हड़पने और संगठित गिरोह से संबंध होने के आरोप थे। वहीं कुछ अन्य जानकारियों के मुताबिक उन्होंने इस घटना से चार दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके के बारे में भी चर्चा थी। वह 23 जुलाई को तबीयत खराब होने के कारण प्रदर्शन स्थल से गए थे, लेकिन इलाज के बाद 24 जुलाई को वापस जंतर-मंतर लौट आए। दिल्ली पुलिस ने उनकी मौत से जुड़ी सभी खबरों को गलत बताया है।