Uttarakhand: ‘VIP दर्शन’ और हेलीकॉप्टर टिकट के नाम पर ठगी, बिहार से दो साइबर अपराधी गिरफ्तार

Uttarakhand/Bihar: चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को ठगने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई करते हुए बिहार के नालंदा और शेखपुरा जिले से दो आरोपियों को पकड

Uttarakhand/Bihar: चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को ठगने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई करते हुए बिहार के नालंदा और शेखपुरा जिले से दो आरोपियों को पकड़ा है। ये लोग वीआईपी दर्शन और हेलीकॉप्टर टिकट की फर्जी बुकिंग का लालच देकर तीर्थयात्रियों से पैसे ऐंठ रहे थे।

एसटीएफ की जांच में पता चला है कि यह गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रहा था। इस खेल में नाबालिगों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। बिहार के नालंदा से दीपक कुमार और शेखपुरा से विजित कुमार उर्फ मिकी को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, एक सरकारी अधिकारी के साथ हुई ठगी के मामले में ओमप्रकाश, श्रेयांश और रोहित नाम के तीन अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है।

ठगी करने का तरीका बहुत शातिर था। अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर फर्जी अकाउंट बनाते थे ताकि वे असली एजेंट लगें। उन्होंने IRCTC के हेलीकॉप्टर बुकिंग पोर्टल जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट भी बनाई थी। श्रद्धालुओं को तुरंत टिकट कंफर्म करने और वीआईपी सुविधाओं का लालच दिया जाता था और पैसे मिलने के बाद उन्हें फर्जी टिकट थमा दिए जाते थे। ठगी के पैसों को छिपाने के लिए कई फर्जी बैंक खातों का उपयोग किया गया था।

इस मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया की निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया है। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि अब तक करीब 300 फर्जी सोशल मीडिया लिंक और 100 से ज्यादा संदिग्ध व्हाट्सएप नंबर ब्लॉक कराए गए हैं। पिछले साल भी ऐसी ही कार्रवाई में 142 वेबसाइटें और कई मोबाइल नंबर बंद किए गए थे।

प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट heli-yatra.irctc.co.in के जरिए ही केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग करें। किसी भी अनजान सोशल मीडिया अकाउंट या व्हाट्सएप नंबर पर पैसे न भेजें। चारधाम यात्रा के लिए अनिवार्य पंजीकरण कराना जरूरी है, चाहे आप सड़क से जाएं या हेलीकॉप्टर से।