Uttarakhand में सुरंग के अंदर घुसा मलबा और पानी, 7 मजदूरों की मौत, 3 अब भी लापता
Uttarakhand/Chamoli: चमोली जिले के पिपलकोटी इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ बन रहे 444-MW के विष्णुगाड-पिपलकोटी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरंग में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा घुस गया। इस हादसे में अब तक
Uttarakhand/Chamoli: चमोली जिले के पिपलकोटी इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ बन रहे 444-MW के विष्णुगाड-पिपलकोटी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरंग में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा घुस गया। इस हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 13 लोग घायल हैं।
यह घटना गुरुवार शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुई। हादसा उस समय हुआ जब 2 किलोमीटर लंबी टेल रेस टनल में खुदाई का काम चल रहा था। लैंडस्लाइड की वजह से सुरंग के अंदर करीब 1.4 किलोमीटर की दूरी पर पानी और मलबे का सैलाब आ गया, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। NDRF, SDRF, सेना, ITBP और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर तैनात हैं और लापता 3 मजदूरों की तलाश में युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी एजेंसियों को जल्द से जल्द राहत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी बात की है क्योंकि हादसे का शिकार हुए कई मजदूर इन राज्यों के रहने वाले थे। घायलों को पिपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर बेस अस्पताल को अलर्ट पर रखा गया है।
इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में उत्तराखंड के प्रदीप सिंह पंवार और मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय और जितेंद्र कुमार, साथ ही लोकेश्वर और भुनेश्वर शामिल हैं। प्रोजेक्ट का काम हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) कर रही थी और इसका मालिकाना हक टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) के पास है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय के संवेदनशील इलाकों में बढ़ते निर्माण कार्यों और जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसी आपदाएं बढ़ रही हैं। यह हादसा नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में हुए हादसे की याद दिलाता है। फिलहाल जिला प्रशासन और बचाव दल पंपों और अस्थायी नावों की मदद से सुरंग के अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।