US Tourist Visa के लिए लंबा इंतजार, Mumbai और Hyderabad में 10 महीने तक की वेटिंग, जानिए पूरी डिटेल
World : अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत के बड़े शहरों में US Tourist Visa (B-1/B-2) के इंटरव्यू के लिए वेटिंग टाइम काफी बढ़ गया है। अब वीजा स्लॉट मिलने में महीनों का समय लग रहा है, जिससे ट
World : अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत के बड़े शहरों में US Tourist Visa (B-1/B-2) के इंटरव्यू के लिए वेटिंग टाइम काफी बढ़ गया है। अब वीजा स्लॉट मिलने में महीनों का समय लग रहा है, जिससे टूरिस्ट और बिजनेस ट्रिप पर जाने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
US State Department के 18 जून 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा देरी हैदराबाद और मुंबई में देखी जा रही है। यहाँ इंटरव्यू के लिए औसत इंतजार 9.5 महीने का है। अगर आप मुंबई में नए आवेदक हैं, तो अगले उपलब्ध स्लॉट के लिए करीब 10 महीने तक का इंतजार करना पड़ सकता है। दिल्ली में भी हालात अलग नहीं हैं, यहाँ आवेदकों को 7.5 से 8.5 महीने तक का समय लग रहा है।
दूसरी तरफ, कोलकाता एकमात्र ऐसा शहर है जहाँ वेटिंग टाइम कम हुआ है। यहाँ अब 4.5 महीने की जगह 4 महीने का समय लग रहा है, जिससे यह फिलहाल सबसे तेज विकल्प है। चेन्नई में औसत वेटिंग टाइम 5.5 महीने है।
जो लोग जल्दी इंटरव्यू चाहते हैं, उनके लिए US State Department ने 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक एक पायलट प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत पात्र आवेदक 750 डॉलर (लगभग 64,000 रुपये) की अतिरिक्त फीस देकर 10 बिजनेस दिनों के भीतर इंटरव्यू स्लॉट पा सकते हैं। हालांकि, यह फीस सिर्फ जल्दी इंटरव्यू के लिए है, इससे वीजा मिलने की गारंटी नहीं मिलती।
| शहर | औसत वेटिंग टाइम (B-1/B-2 Visa) |
|---|---|
| मुंबई | 9.5 से 10 महीने |
| हैदराबाद | 9.5 महीने |
| नई दिल्ली | 7.5 से 8.5 महीने |
| चेन्नई | 5.5 महीने |
| कोलकाता | 4 महीने |
जानकारी के मुताबिक, यह देरी मुख्य रूप से टूरिस्ट वीजा में है। स्टूडेंट वीजा (F, M, J) और वर्क वीजा (H, L, O) के लिए समय काफी कम है, जो आमतौर पर 1.5 से 3.5 महीने के बीच है। साथ ही, अब H-1B और H-4 जैसे वीजा आवेदकों के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच भी सख्त कर दी गई है, जिसके लिए प्राइवेसी सेटिंग्स को पब्लिक रखने को कहा गया है।
एक और जरूरी बदलाव यह है कि अब भारतीय नागरिकों के लिए किसी तीसरे देश में जाकर H-1B वीजा स्टैम्पिंग कराने का विकल्प खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा, 25 मई 2026 से काउंसलर एक्सचेंज रेट भी 96 रुपये से बढ़कर 98 रुपये प्रति डॉलर हो गया है।