Mumbai Metro की तारीफ में उतरी अमेरिकी महिला, बोलीं- अमेरिका को भारत से सीखना चाहिए
Maharashtra: मुंबई मेट्रो की चमक और सुविधाओं ने अब सात समंदर पार के लोगों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अमेरिका से आई एक टूरिस्ट ने मुंबई मेट्रो की साफ-सफाई और कम किराए की जमकर तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर
Maharashtra: मुंबई मेट्रो की चमक और सुविधाओं ने अब सात समंदर पार के लोगों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अमेरिका से आई एक टूरिस्ट ने मुंबई मेट्रो की साफ-सफाई और कम किराए की जमकर तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि कैसे मुंबई की मेट्रो दुनिया के कई विकसित शहरों के मुकाबले बेहतर अनुभव दे रही है।
अमेरिका की रहने वाली Liz नाम की इस महिला ने Instagram पर एक वीडियो डाला जिसमें उन्होंने मुंबई मेट्रो के एयर कंडीशनिंग, स्वच्छता और महिलाओं के लिए अलग डिब्बों की सराहना की। उन्होंने इसकी तुलना न्यूयॉर्क के सबवे सिस्टम से की और कहा कि अमेरिका को इस तरह के मानकों से सीखने की जरूरत है। मेट्रो का सफर आम लोगों के लिए बहुत सस्ता है, जहां एक टिकट की कीमत महज 20 रुपये से शुरू होती है।
यह पहली बार नहीं है जब किसी ने मुंबई मेट्रो की इतनी तारीफ की हो। इससे पहले मार्च 2026 में कारोबारी Harsh Goenka ने भी Aqua Line (Line 3) की यात्रा के बाद इसे पेरिस, लंदन और न्यूयॉर्क की मेट्रो से बेहतर बताया था। उन्होंने स्टेशनों की सफाई और समय की पाबंदी को काफी सराहा था, हालांकि उन्होंने शहर की सड़कों की हालत पर सवाल भी उठाए थे।
मुंबई मेट्रो को बेहतर बनाने के लिए MMRDA और मेट्रो वन ऑपरेशन्स लगातार काम कर रहे हैं। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 में से 6 स्टेशनों पर प्लास्टिक क्रशर लगाए गए हैं। जो लोग यहां कचरा रीसायकल करने में मदद करते हैं, उन्हें इनाम के तौर पर कूपन भी दिए जाते हैं।
आम यात्रियों की सुविधा के लिए मेट्रो में कई खास इंतजाम किए गए हैं:
- लाइन 1 के लिए 1400 रुपये में अनलिमिटेड राइड वाला मंथली पास उपलब्ध है।
- महिलाओं और दिव्यांगों के लिए ई-टिकट काउंटर पर प्राथमिकता दी जाती है।
- 2026 तक पूरे मेट्रो नेटवर्क के चालू होने की उम्मीद है।
पूरा प्रोजेक्ट 337 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे रोजाना 1.2 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे। इससे न केवल सड़कों पर जाम कम होगा, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा क्योंकि सालाना करीब 1,66,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। फिलहाल मुंबई की 55% आबादी को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधा मिल रही है, जो दक्षिण एशिया के औसत 19% से काफी ज्यादा है।