US ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर किए हवाई हमले, तेल की कीमतों में आया उछाल
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने 8 और 9 जुलाई 2026 को ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को पुष्टि की कि उन्होंने हमलों का यह दौर पू
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने 8 और 9 जुलाई 2026 को ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को पुष्टि की कि उन्होंने हमलों का यह दौर पूरा कर लिया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को ईरान की पिछले दिन की जहाज बमबारी का बदला बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जहाजों पर हमले जारी रहे तो हालात और खराब होंगे। इस हमले में ईरान के बसहेर (Bushehr) में स्थित IRGC सुविधा और ईरानशहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे अहम ठिकाने शामिल थे। इसके अलावा चबहार पोर्ट, गोलिस्तान प्रांत के ट्रांसपोर्ट लिंक, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल स्टोरेज साइट्स को भी निशाना बनाया गया। पहली बार अप्रैल के बाद अमेरिका ने ईरान के रेलवे पुलों पर भी हमला किया है।
दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने पलटवार करते हुए बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने बसहेर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला किया, जिससे एक प्रोजेक्टाइल परिसर के अंदर गिरा, हालांकि इससे कोई तकनीकी नुकसान या जानमाल की हानि नहीं हुई।
इन हमलों के कारण कई शहरों में धमाकों की खबरें आईं और कुछ लोगों की मौत भी हुई। ईरान शहर एयरपोर्ट पर एक फायरफाइटर और खुज़ेस्तान प्रांत में कम से कम तीन लोगों की जान गई। वहीं, इससे पहले हुए हमलों में नौ लोगों की मौत की खबर है। इस पूरे विवाद का असर अब ग्लोबल मार्केट पर दिख रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग खतरों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका असर आने वाले समय में आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है।