Iran और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा, US ने 90 ठिकानों पर किए हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य में खतरा

World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की ग

World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। इस घटना के बाद खाड़ी देशों की सुरक्षा और तेल आपूर्ति वाले रास्तों पर संकट गहरा गया है।

CENTCOM के मुताबिक, ये हमले 8 और 9 जुलाई 2026 को किए गए। इससे पहले 7 जुलाई को भी ईरान के 80 ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट्स, नौसेना क्षमताओं और सैन्य रसद बुनियादी ढांचे को तबाह किया। अमेरिका का कहना है कि इसका मकसद ईरान की उन क्षमताओं को कम करना है जिससे वह समुद्री जहाजों पर हमला करता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ जून में हुआ 60 दिनों का युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जहाजों पर हमले जारी रखे, तो जवाबी कार्रवाई और भी सख्त होगी। वहीं, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ईरान को तेल और पेट्रोकेमिकल्स बेचने की छूट भी वापस ले ली है।

दूसरी तरफ, ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल ईरान की शर्तों पर ही खुलेगा और अमेरिकी हमलों का करारा जवाब दिया जाएगा।

इस तनाव का असर अब आसपास के देशों में भी दिखने लगा है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान के अपने कई पोर्ट शहरों जैसे चाबहार, बुशहर और बंदर अब्बास में भी धमाकों की खबरें आईं, जिससे कई इलाकों की बिजली गुल हो गई। गौरतलब है कि बुशहर में ईरान का एकमात्र नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।

नाटो प्रमुख Mark Rutte ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे जरूरी बताया है, जबकि संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की निंदा की है।