Iran में US के मिसाइल हमले, बिजली और पानी की सप्लाई ठप; बढ़ सकती है जंग
World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। शनिवार, 18 जुलाई 2026 को अमेरिकी रॉकेटों ने ईरान के होर्मोज़गन प्रांत के जास्क काउंटी में बिजली घरों और पानी साफ करने वाले पंपों (desalination pumps) को निशाना बनाया।
World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। शनिवार, 18 जुलाई 2026 को अमेरिकी रॉकेटों ने ईरान के होर्मोज़गन प्रांत के जास्क काउंटी में बिजली घरों और पानी साफ करने वाले पंपों (desalination pumps) को निशाना बनाया। इस हमले की वजह से इलाके की बिजली गुल हो गई और कई गांवों में पीने के पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है।
ईरान के स्थानीय अधिकारियों और होर्मोज़गन प्रांत के डिप्टी गवर्नर ने पुष्टि की है कि जास्क काउंटी के बुंजी गांव के घाट पर मौजूद बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ है। फिलहाल वहां की टीमें खराब हुए पंपों को ठीक करने और गांवों तक पानी पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। ईरान ने अपने नागरिकों से बिजली की खपत कम करने की अपील भी की है।
यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर की गई सात लगातार रातों की स्ट्राइक का हिस्सा है। अमेरिकी सैन्य कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल कर निगरानी केंद्रों और हथियारों के गुप्त भंडारों को तबाह किया है। अमेरिका ने यह भी जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में उनके 50,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं।
इस तनाव का असर अब दुनिया भर में दिख रहा है। शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतें 4% से ज्यादा बढ़ गईं, जो पिछले एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। वहीं, ईरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों पर हमले किए हैं, जिसमें कुवैत के एक बिजली और पानी स्टेशन को निशाना बनाया गया।
ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहसेन रज़ाई ने चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो ईरान पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर तेहरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो वे ईरान के और भी पावर प्लांट और पानी के केंद्रों पर हवाई हमले करवाएंगे। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है।