US Senate में ट्रंप के रक्षा बजट पर बवाल, 1.15 ट्रिलियन डॉलर के बिल को डेमोक्रेट्स ने रोका
World : अमेरिका की सीनेट में रक्षा बजट को लेकर भारी खींचतान चल रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने 1.15 ट्रिलियन डॉलर के डिफेंस पॉलिसी बिल (NDAA) को आगे बढ़ने से रोक दिया है। यह विरोध राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा
World : अमेरिका की सीनेट में रक्षा बजट को लेकर भारी खींचतान चल रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने 1.15 ट्रिलियन डॉलर के डिफेंस पॉलिसी बिल (NDAA) को आगे बढ़ने से रोक दिया है। यह विरोध राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ चल रहे युद्ध को संभालने के तरीके और सैन्य खर्च के प्रस्तावों को लेकर किया गया है।
14 जुलाई 2026 को हुई इस वोटिंग में यह बिल पास नहीं हो सका। सीनेट के नियमों के मुताबिक बिल को आगे बढ़ाने के लिए 60 वोटों की जरूरत थी, लेकिन इसे सिर्फ 50 वोट मिले और 46 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट किया। डेमोक्रेट्स का कहना है कि सैन्य अभियानों पर कांग्रेस की कड़ी निगरानी होनी चाहिए, तभी आगे की फंडिंग दी जानी चाहिए।
सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शुमर ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ट्रंप ने बिना किसी रणनीति और बिना मंजूरी के यह युद्ध शुरू किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपब्लिकन पार्टी देश के सबसे बड़े सुरक्षा संकट को नजरअंदाज कर रही है। वहीं, Senator टैमी डकवर्थ ने साफ किया कि जब तक ईरान युद्ध के लिए फंड रोकने वाला संशोधन शामिल नहीं होता, वह इस बिल का विरोध करती रहेंगी।
इस पूरे विवाद के पीछे कई मुख्य कारण हैं:
- ईरान के साथ युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों से हुई थी।
- व्हाइट हाउस ने 13 जुलाई 2026 को कांग्रेस को बताया कि युद्ध फिर से शुरू हो गया है।
- डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन द्वारा सैन्य खर्च को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।
- विरोध करने वाले सांसदों का कहना है कि सोशल प्रोग्राम्स में कटौती करके युद्ध पर पैसा खर्च करना गलत है।
दूसरी तरफ, सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून ने डेमोक्रेट्स पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बिल सेना की तैयारी के लिए जरूरी है। इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है।