US ने ईरान के सेंट्रल बैंक से छीने 130 मिलियन डॉलर के क्रिप्टो एसेट्स, ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ के तहत बड़ी कार्रवाई
Finance: अमेरिका ने ईरान के सेंट्रल बैंक से जुड़े डिजिटल वॉलेट्स से 130 मिलियन डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि इन डिजिटल एसेट्स का इस्तेमाल गैरकानूनी कामों को फंड करने और अंतरर
Finance: अमेरिका ने ईरान के सेंट्रल बैंक से जुड़े डिजिटल वॉलेट्स से 130 मिलियन डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि इन डिजिटल एसेट्स का इस्तेमाल गैरकानूनी कामों को फंड करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जा रहा था। यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ का हिस्सा है, जिसके जरिए अमेरिका ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 14 जुलाई 2026 को इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 से अब तक इस अभियान के तहत करीब 1 बिलियन डॉलर की ईरानी क्रिप्टो संपत्ति को फ्रीज या जब्त किया जा चुका है। अमेरिका का मकसद ईरान के उस वित्तीय ढांचे को खत्म करना है, जिससे वह अपनी सुरक्षा और वैश्विक शिपिंग के लिए खतरा पैदा करता है।
इस पूरी कार्रवाई की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| तारीख/विवरण | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| 14 जुलाई 2026 | 130 मिलियन डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो फ्रीज की गई |
| अप्रैल 2026 | दो Tron वॉलेट्स से 344 मिलियन डॉलर USDT फ्रीज हुए |
| मई 2026 | कुल 1 बिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त होने की घोषणा |
| 2 जून 2026 | Nobitex, Bitpin, Ramzinex और Wallex जैसे एक्सचेंज प्रतिबंधित |
| मुख्य अधिकारी | ट्रेजरी सचिव Scott Bessent |
| जांच एजेंसी | OFAC (Office of Foreign Assets Control) |
इस कार्रवाई में Tether कंपनी ने भी सहयोग किया, जिसने चिन्हित Tron वॉलेट्स को फ्रीज कर दिया। वहीं, ब्लॉकचेन जांचकर्ता Specter ने उन चार वॉलेट्स की पहचान की थी जिनमें यह रकम मौजूद थी। अमेरिका ने सिर्फ डिजिटल संपत्ति ही नहीं, बल्कि ईरान के तेल निर्यात से जुड़े मोहम्मद हुसैन शामखानी के नेटवर्क के 50 से ज्यादा जहाजों और संस्थाओं पर भी प्रतिबंध लगाए हैं।
इसी समय अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर से शुरू कर दी है और सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य केंद्रों पर ड्रोन हमले का दावा किया है। ट्रेजरी विभाग ने साफ कहा है कि वह आगे भी ईरान के क्रिप्टो वॉलेट्स पर नजर रखेगा ताकि अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।