US ने पहली बार युद्ध में उतारे समुद्री ड्रोन, ईरान के बंदर अब्बास नेवल बेस पर किया हमला

World : अमेरिका ने पहली बार युद्ध के मैदान में अपने समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया है। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि रविवार रात 12 जुलाई 2026 को ईरान के बंदर अब्बास नेवल बेस पर हमला किया गया। इस ऑपरेशन

World : अमेरिका ने पहली बार युद्ध के मैदान में अपने समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया है। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि रविवार रात 12 जुलाई 2026 को ईरान के बंदर अब्बास नेवल बेस पर हमला किया गया। इस ऑपरेशन में तीन Corsair समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल हुआ, जिन्होंने ईरान के एक नेवल मेंटेनेंस साइट को निशाना बनाया।

CENTCOM ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हमले का वीडियो जारी किया। अधिकारियों के मुताबिक, जिस जगह पर हमला हुआ वहां पनडुब्बियों और जहाजों की मरम्मत का काम होता था। अमेरिका का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। यह हमला तब हुआ जब रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक कमर्शियल कंटेनर जहाज पर ईरानी हमला हुआ था।

इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि अमेरिका ने पहली बार offensive combat यानी हमला करने के लिए unmanned surface vessels (USVs) का उपयोग किया। ये Corsair ड्रोन अमेरिकी कंपनी Saronic ने बनाए हैं। CENTCOM ने बताया कि इस हमले का मकसद ईरान की उस क्षमता को कम करना था जिससे वह व्यापारिक जहाजों पर हमला करता है।

इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य का ‘गार्जियन एंजेल’ बनेगा और वहां नेवल ब्लॉकेड फिर से लागू करेगा। वहीं, इस हमले के जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों और ओमान में रडार सिस्टम पर जवाबी हमले किए हैं। ईरान की सेना ने यह भी दावा किया कि सोमवार को उन्होंने बंदर अब्बास इलाके में एक ‘ल्यूकास-टाइप’ ड्रोन को मार गिराया।

CENTCOM के मुताबिक, यह हमला एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा था जिसमें ईरान के कई सैन्य ठिकानों, एयर-डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार और मिसाइल क्षमताओं को निशाना बनाया गया।