Iraq में US और Saudi Arabia के हवाई हमलों में 20 लड़ाके ढेर, ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को बनाया निशाना

World: अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 10 से 20 लड़ाकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं। यह कार्रवाई सऊदी अरब के तेल ठिकानों औ

World: अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 10 से 20 लड़ाकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं। यह कार्रवाई सऊदी अरब के तेल ठिकानों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और सऊदी अरब ने पुष्टि की है कि ये हमले पूर्वी इराक में आतंकवादियों के हथियारों और रसद केंद्रों को निशाना बनाकर किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 72 घंटों में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इशारे पर 30 से ज्यादा ड्रोन हमले हुए थे, जिसके बाद यह जवाबी कार्रवाई की गई। CENTCOM ने यह भी बताया कि फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच ईरान समर्थित समूहों ने अमेरिकी नागरिकों और सुविधाओं पर 600 से ज्यादा हमले करने की कोशिश की थी।

सऊदी अरब के रक्षा और विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करके किया गया। सऊदी अरब ने चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में फिर से हमले हुए तो वे और कड़ी सैन्य कार्रवाई करेंगे।

दूसरी तरफ, इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। PMF का दावा है कि बगदाद, बसरा, किरकुक और करबला समेत कई प्रांतों में उनके आधिकारिक मुख्यालयों पर हमला हुआ है। उन्होंने कहा कि यह इराक की संप्रभुता का उल्लंघन है और उन्होंने ड्रोन हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।

इस तनाव के बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन हमलों की जांच करने का आदेश दिया है और वे जल्द ही सऊदी अरब की यात्रा पर जा सकते हैं। वहीं, ईरान की IRGC ने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन में एक अमेरिकी एयरबेस और CENTCOM सुविधा पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान से आई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।