Iran और US के बीच फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए भारी हमले

World : अमेरिका ने ईरान में अपने सैन्य हमलों को फिर से शुरू कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला एक अस्थायी ठहराव के बाद क

World : अमेरिका ने ईरान में अपने सैन्य हमलों को फिर से शुरू कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला एक अस्थायी ठहराव के बाद किया गया है ताकि ईरान की सैन्य क्षमता को कम किया जा सके।

ताजा जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने बुधवार रात 29 जुलाई 2026 से गुरुवार सुबह 30 जुलाई तक ईरान के कई ठिकानों पर जोरदार हमले किए। इससे पहले 28 जुलाई को ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बलों और जॉर्डन स्थित एक सैन्य बेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ी थीं, जिन्हें अमेरिका ने रोक लिया था। इसके जवाब में अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ हमले किए।

U.S. Central Command (CENTCOM) ने बताया कि ये हमले ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन सुविधाओं, तटीय रक्षा स्थलों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाकर किए गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे ईरान को कड़ी चोट पहुंचाएंगे।

ईरानी सरकारी टेलीविजन ने स्वीकार किया है कि इराक सीमा के पास, केशम द्वीप और अबादान शहर के आसपास अमेरिकी हमले हुए हैं। वहीं, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी इराक में इन सटीक हमलों में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है और इसे आत्मरक्षा का अधिकार बताया है।

विवरण जानकारी
हमले की तारीख 29-30 जुलाई 2026
मुख्य लक्ष्य कमांड सेंटर, ड्रोन और मिसाइल साइट्स
हताहतों की संख्या 20 PMF लड़ाके और 6 ईरानी सलाहकार मारे गए
अमेरिकी नुकसान 18 सदस्य मृत, 600 से अधिक घायल
अन्य कार्रवाई ईरान की दो बीमा कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध
नौसैनिक स्थिति ईरान के खिलाफ नेवल नाकाबंदी जारी

अमेरिकी विदेश विभाग ने 29 जुलाई को ईरान की दो बीमा कंपनियों, Persian Gulf Marine Insurance Company और Hormuz Safe Marine Services Authority पर प्रतिबंध लगाए हैं। आरोप है कि ये कंपनियां IRGC के समर्थन से होर्मुज जलडमरूमध्य में दबाव बनाने वाले काम कर रही थीं। फिलहाल अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी भी जारी रखे हुए है।