US और Iran के बीच जंग तेज, 9वीं रात भी हुए हवाई हमले, कई शहरों में हुए धमाके
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब पूरी तरह से युद्ध में बदल चुका है। US मिलिट्री ने ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात भी हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के मिलिट्री ठिकानों और कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया गया है।
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब पूरी तरह से युद्ध में बदल चुका है। US मिलिट्री ने ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात भी हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के मिलिट्री ठिकानों और कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया गया है। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान की सैन्य क्षमता को कम करना चाहता है ताकि वह समुद्र में जहाजों पर हमला न कर सके।
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस, तटीय निगरानी केंद्रों और मिसाइल लॉन्च साइट्स को तबाह किया गया है। ईरानी मीडिया ने खबर दी है कि तबरीज़, चाबहार, कोनारक, बंदर महशहर और बंदर इमाम खुमैनी जैसे पांच शहरों में जोरदार धमाके हुए हैं। यह पूरा विवाद फरवरी 2026 में शुरू हुआ था, जो अब और गंभीर होता जा रहा है।
इस लड़ाई में अमेरिका को भी नुकसान हुआ है। 18 जुलाई को इराक में एक ईरानी ड्रोन को नष्ट करते समय एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। इस युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। वहीं ईरान ने भी पलटवार किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सीरिया के अल-तनफ में एक कमांड सेंटर पर हमला करने का दावा किया है। इसके अलावा कुवैत के अमेरिकी ठिकानों पर भी ड्रोन हमले किए गए हैं।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया कि ईरान के हमलों से उनकी एक तेल फैसिलिटी को काफी नुकसान पहुंचा है और कुछ लोग घायल हुए हैं। वहीं बहरीन और कुवैत में भी हवाई हमले के सायरन सुनाई दिए। ईरान के सुप्रीम लीडर ने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा। ईरान ने यह भी धमकी दी है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल और गैस की सप्लाई रोक देगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये हमले मारे गए अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए किए गए हैं। दूसरी तरफ, ईरान का दावा है कि अमेरिका ने खुज़ेस्तान प्रांत में बन रहे एक परमाणु बिजली संयंत्र को निशाना बनाया है, हालांकि IAEA ने कहा है कि वहां कोई परमाणु सामग्री नहीं थी। ईरान के मुताबिक, जून के अंत से अब तक उनके 50 लोग मारे गए हैं और 500 से ज्यादा घायल हुए हैं।