US और Iran के बीच Doha में बातचीत शुरू, तेल की कीमतों पर असर; जानिए क्या है पूरा मामला
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। यह चर्चा दोहा में हो रही है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में शांति लाना और संघर्ष को खत्म करना है। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी तक कि
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर की मध्यस्थता में बातचीत चल रही है। यह चर्चा दोहा में हो रही है, जिसका मकसद मध्य पूर्व में शांति लाना और संघर्ष को खत्म करना है। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी तक किसी सीधी हाई-लेवल मीटिंग की पुष्टि नहीं हुई है।
इस पूरी प्रक्रिया में कतर और पाकिस्तान अहम भूमिका निभा रहे हैं, जबकि ओमान भी बातचीत में शामिल है। 17 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में एक अंतरिम समझौता (MoU) साइन हुआ था, जिसकी समय सीमा अगस्त के मध्य तक है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य युद्ध रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना है।
ईरान की शर्त है कि जब तक अमेरिका इस अंतरिम समझौते का पूरी तरह पालन नहीं करता, तब तक आगे की बातचीत नहीं होगी। ईरान अपनी जमी हुई संपत्तियों को वापस चाहता है और लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे, तभी प्रतिबंध हटाए जाएंगे।
1 जुलाई 2026 को दोहा में निचले स्तर के तकनीकी अधिकारियों के बीच बातचीत तय हुई है। इसमें स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जैसे अमेरिकी दूत शामिल नहीं हैं। ईरान द्वारा अमेरिकी दूतों से सीधी बात न करने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हल्की बढ़त देखी गई है।
समझौते के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| समझौता तिथि | 17 जून 2026 (60 दिन की अवधि) |
| मुख्य उद्देश्य | युद्ध रोकना और Strait of Hormuz को खोलना |
| ईरान की मांग | जमी हुई संपत्ति की वापसी और प्रतिबंध हटाना |
| अमेरिका की शर्त | परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और सुरक्षा गारंटी |
| जमी हुई राशि | कतर में मौजूद 12 अरब डॉलर में से 6 अरब डॉलर का मुद्दा |
| मध्यस्थ देश | कतर, पाकिस्तान और ओमान |