US-Iran युद्ध के बीच बढ़ा तेल का दाम, Hormuz Strait में तनाव से भारत समेत पूरी दुनिया में महंगी हो सकती है पेट्रोल-डीजल

World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुले युद्ध की शक्ल ले रहा है। Strait of Hormuz में कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर जोरदार सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इस तनाव का सीधा असर अब वैश्विक ते

World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुले युद्ध की शक्ल ले रहा है। Strait of Hormuz में कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर जोरदार सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इस तनाव का सीधा असर अब वैश्विक तेल बाजार पर दिख रहा है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

ताजा जानकारी के मुताबिक, 13 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान पर लगातार तीसरे दिन हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस जलमार्ग पर दोबारा नाकाबंदी लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका इस रास्ते का रक्षक होगा और सुरक्षित रास्ता देने के लिए सभी कार्गो जहाजों से 20% फीस ली जाएगी। US Central Command (CENTCOM) ने साफ किया है कि ये हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कम करने और आम नागरिकों व जहाजों की सुरक्षा के लिए किए गए हैं।

इस तनाव के बीच ओमान के समुद्री क्षेत्र में दो अमीराती तेल टैंकरों, Mombasa और Al Bahiyah पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय चालक की मौत हो गई और छह भारतीय समेत आठ लोग घायल हुए। ईरान के IRGC ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जहाजों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया था। वहीं बहरीन ने भी ईरानी हमलों को नाकाम करने की खबर दी है।

इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा क्योंकि तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

विवरण ताजा कीमत/अनुमान
Brent Crude 85 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल
West Texas Intermediate 80 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा
भविष्य का अनुमान 100 से 150 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चला, तो तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट सकती है। इससे भारत जैसे देशों में, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं, ईंधन के दाम काफी बढ़ सकते हैं। फिलहाल अमेरिका ने अबू धाबी और दुबई में अपने दूतावासों की नियुक्तियों को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया है।