US और Iran के बीच युद्ध जैसा माहौल, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में अमेरिका ने भी ईरान के अंदर कई जगहों पर जोरदार हमले किए। इस टकराव की वजह स
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में अमेरिका ने भी ईरान के अंदर कई जगहों पर जोरदार हमले किए। इस टकराव की वजह से मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत के अली अल सालेम और अहमद अल जाबर एयर बेस को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, वहां के फ्यूल टैंक, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और रडार पूरी तरह तबाह हो गए हैं। वहीं बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर भी हमले किए गए, जिसमें ड्रोन कमांड सेंटर और हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस यूनिट को निशाना बनाया गया।
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना ने भी ईरान में कई जगह हमले किए। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार साइट्स और ड्रोन ठिकानों को नष्ट किया। इन हमलों में पहली बार समुद्री ड्रोन (sea drones) का इस्तेमाल किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने ईरान को कड़ा सबक सिखाया है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखा है।
इस हमले का असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ा। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके बॉर्डर सेंटर और एक तेल प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा है, जिससे एक कर्मचारी घायल हो गया। बहरीन ने भी अपने एयर डिफेंस के जरिए ईरानी हमलों को रोकने का दावा किया है। ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में अमेरिकी हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग घायल हुए हैं।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हमला हुआ था। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है ताकि मामला और न बिगड़े।