World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच चल रहा दो हफ्ते का युद्धविराम (ceasefire) अगले हफ्ते 21 या 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है। इस बीच दोनों देश एक और दौर की सीधी बातचीत करने
World : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच चल रहा दो हफ्ते का युद्धविराम (ceasefire) अगले हफ्ते 21 या 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है। इस बीच दोनों देश एक और दौर की सीधी बातचीत करने पर विचार कर रहे हैं ताकि हालात और न बिगड़ें।
बातचीत क्यों नहीं बन पाई और क्या हैं मुख्य विवाद
इस्लामाबाद में हुई पहली मीटिंग में अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने चर्चा की थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच मुख्य रूप से इन बातों पर विवाद था:
- ईरान का परमाणु कार्यक्रम और परमाणु हथियार न बनाने की शर्त।
- Strait of Hormuz का नियंत्रण।
- लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई।
अमेरिका की सख्ती और अन्य देशों का क्या कहना है
बातचीत के बीच अमेरिका ने दबाव बनाने के लिए सोमवार 13 अप्रैल को ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी (naval blockade) शुरू कर दी है। वहीं, ब्रिटेन और फ्रांस ने साफ किया है कि वे इस नाकेबंदी का हिस्सा नहीं बनेंगे। पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं ताकि युद्ध को रोका जा सके।
| प्रमुख व्यक्ति/संस्था |
बयान/स्थिति |
| डोनाल्ड ट्रम्प |
समझौते के लिए खुले हैं, लेकिन नाकेबंदी जारी रखी |
| JD Vance |
कहा कि अब गेंद ईरान के पाले में है |
| मोहम्मद बागेर कालिबाफ |
कहा कि अमेरिका भरोसा जीतने में नाकाम रहा |
| शेहबाज शरीफ |
युद्धविराम बरकरार है और समाधान की कोशिश जारी है |
| एंटोनियो गुटेरेस |
सैन्य समाधान संभव नहीं, बातचीत जारी रखनी होगी |