USA और Iran के बीच युद्ध जैसा माहौल, अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के कई ठिकाने तबाह, भारतीय नागरिक की मौत
World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुले युद्ध में बदल गया है। अमेरिका ने एक ही दिन में ईरान पर दो बार बड़े हवाई हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व में हालात बेहद खराब हो गए हैं। इन हमलों में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र और मि
World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुले युद्ध में बदल गया है। अमेरिका ने एक ही दिन में ईरान पर दो बार बड़े हवाई हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व में हालात बेहद खराब हो गए हैं। इन हमलों में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस हिंसा का असर अब भारत तक भी पहुंच गया है क्योंकि एक ईरानी हमले में भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ये हमले बुधवार, 15 जुलाई 2026 को किए गए। पहला हमला सुबह 6:00 बजे शुरू हुआ जो करीब 90 मिनट चला, जबकि दूसरा हमला दोपहर 3:00 बजे शुरू होकर सात घंटे तक जारी रहा। अमेरिका का कहना है कि उसने यह कदम ईरान द्वारा जहाजों को धमकाने और व्यावसायिक जहाजों पर हमले के जवाब में उठाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे अब सही तरीके से व्यवहार करना चाहिए।
ईरान ने भी इस पर पलटवार किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। कुवैत ने पुष्टि की है कि एक ईरानी हमले में उसका एक नौसैनिक जहाज भी चपेट में आया। ईरान के दावों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में उनके कम से कम 7 सैनिक मारे गए और 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इस पूरे विवाद में भारत के लिए दुखद खबर यह रही कि एक क्रूड टैंकर पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद भारत सरकार ने ईरान के डिप्टी एंबेसडर को तलब किया है। इसके अलावा, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर दी है, जिससे Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही कम हो गई है। ईरान ने धमकी दी है कि वह मध्य पूर्व से होने वाले सभी ऊर्जा निर्यात को रोक सकता है, जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।