US ने ईरान पर किए ताबड़तोड़ हवाई हमले, Strait of Hormuz के पास मिसाइल साइट्स और कमांड सेंटर तबाह
World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को ईरान पर दो बड़े हवाई हमले किए। इन हमलों में Strait of Hormuz के पास ईरान के तटीय बचाव सिस्टम, मिसाइल साइट्स और कमां
World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब युद्ध के स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने बुधवार, 15 जुलाई 2026 को ईरान पर दो बड़े हवाई हमले किए। इन हमलों में Strait of Hormuz के पास ईरान के तटीय बचाव सिस्टम, मिसाइल साइट्स और कमांड सेंटरों को निशाना बनाया गया। यह हमला लगातार पांचवें दिन की सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इन ऑपरेशन्स का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को खत्म करना था, जिनका इस्तेमाल वह Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों पर हमला करने के लिए कर रहा था। पहला हमला सुबह 6:00 बजे शुरू हुआ जो करीब 90 मिनट तक चला, जबकि दूसरा हमला दोपहर 3:00 बजे शुरू होकर सात घंटे तक जारी रहा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि जब तक तेहरान जहाजों पर हमले बंद नहीं करता और जलमार्ग को दोबारा नहीं खोलता, तब तक बमबारी जारी रहेगी।
इस हमले के बाद ईरान में भारी तबाही की खबरें हैं। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और पिछले कुछ दिनों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरानी सेना ने बताया कि इरनशहर में एक बैरक पर हुए मिसाइल हमले में सात सैन्यकर्मी मारे गए। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका हमले और बंदरगाहों की नाकाबंदी बंद नहीं करता, तब तक Strait of Hormuz बंद रहेगा।
इस तनाव का असर अब दुनिया भर में दिख रहा है। 15 जुलाई को अमेरिका के हमलों के जवाब में कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों की खबरें आईं। इस पूरे विवाद की वजह से कच्चे तेल (Brent crude oil) की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने कहा कि अगर उन्हें सीजफायर समझौते से कोई फायदा नहीं हो रहा, तो उनके पास उस पर टिके रहने का कोई कारण नहीं है। वहीं, 16 जुलाई को CENTCOM ने एक और नए हमले की घोषणा की है, जिसमें बंदर अब्बास समेत कई जगहों पर एयर डिफेंस और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया गया है।