Iran में अमेरिका के भीषण हवाई हमले, चाबहार पोर्ट और कई पुल तबाह; तनाव के बीच भारत पर भी असर

World : अमेरिका ने ईरान के अंदर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों में ईरान के समुद्री केंद्रों, जरूरी पुलों और एक कमर्शियल पोर्ट के कंट्रोल टावर को भारी नुकसान पहुँचा है। वॉशिंगटन ने अपनी सैन्य रणनीति बद

World : अमेरिका ने ईरान के अंदर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों में ईरान के समुद्री केंद्रों, जरूरी पुलों और एक कमर्शियल पोर्ट के कंट्रोल टावर को भारी नुकसान पहुँचा है। वॉशिंगटन ने अपनी सैन्य रणनीति बदलते हुए अब ईरान के ट्रांसपोर्ट और बंदरगाहों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है ताकि तटीय इलाकों को अलग-थलग किया जा सके।

यह हमला शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 की सुबह हुआ। अमेरिका पिछले छह दिनों से लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। दोनों देशों के बीच यह टकराव 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था। U.S. Central Command (CENTCOM) ने बताया कि उन्होंने तटीय निगरानी केंद्रों, एयर डिफेंस साइट्स और सैन्य रसद बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों का जवाब है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के पावर स्टेशनों और पुलों को नष्ट करने की चेतावनी दी है ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान का नियंत्रण कम हो। उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी फिर से शुरू करने का आदेश दिया है। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने कहा कि ईरान ने समझौते का उल्लंघन किया है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

इस पूरे विवाद का असर भारत पर भी पड़ सकता है क्योंकि भारत का चाबहार पोर्ट (Chabahar port) से गहरा संबंध है। हमलों में चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर के गिरने और जेटी को नुकसान पहुँचने की खबर है। ईरान ने इन हमलों को ‘युद्ध अपराध’ बताया है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों में लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है, जिसमें हॉर्मोज़गन प्रांत में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि अब बातचीत का रास्ता बंद हो चुका है और ईरान अपनी सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। जवाब में ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइल हमले किए हैं। इसके अलावा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर भी हमला हुआ है। अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर लगी छूट को भी खत्म कर दिया है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।