Iran के Chabahar पोर्ट पर अमेरिका का बड़ा हमला, कंट्रोल टावर पूरी तरह तबाह

World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। US रक्षा सचिव Pete Hegseth ने एक तस्वीर साझा की है जिसमें ईरान के Chabahar पोर्ट का मैरीटाइम कंट्रोल टावर तबाह होता दिख रहा है। यह हमला अमेरिका के नए हवा

World: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। US रक्षा सचिव Pete Hegseth ने एक तस्वीर साझा की है जिसमें ईरान के Chabahar पोर्ट का मैरीटाइम कंट्रोल टावर तबाह होता दिख रहा है। यह हमला अमेरिका के नए हवाई अभियान का हिस्सा है, जिसने पूरे मध्य पूर्व में हलचल मचा दी है।

यह हमला शनिवार, 17 जुलाई 2026 की सुबह हुआ। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने पुष्टि की है कि Shahid Kalantari पोर्ट के निगरानी टावर पर यह तीसरा हमला था और अब यह पूरी तरह नष्ट हो चुका है। हालांकि ईरान ने कहा है कि बेहतर तैयारी की वजह से इस हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रही हैं ताकि पोर्ट का काम फिर से शुरू किया जा सके।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए। इन हमलों में केवल Chabahar पोर्ट ही नहीं, बल्कि दक्षिणी ईरान के कई पुल और सैन्य ठिकाने भी शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान की उन क्षमताओं को खत्म करना चाहता है जिससे वह समुद्री जहाजों के लिए खतरा पैदा करता है।

तनाव की शुरुआत तब हुई जब 16 जुलाई को ईरान ने कतर समेत अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइल हमले किए, जिससे पिछले महीने हुआ युद्धविराम खत्म हो गया। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 300 से ज्यादा घायल हुए हैं।

इस पूरे विवाद में भारत का एंगल भी जुड़ा है क्योंकि भारत पहले Chabahar पोर्ट के संचालन में शामिल रहा है। फिलहाल अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में नौसैनिक नाकेबंदी भी शुरू कर दी है, जिसके तहत US Marines ने कई कमर्शियल जहाजों को रोका और रास्ता बदला है। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले करने का दावा किया है।