Finance: केंद्र सरकार ने देश के शहरों की सूरत बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Union Minister Manohar Lal ने नई दिल्ली में Urban Challenge Fund (UCF) और Credit Repayment Guarantee Sub-Scheme (CRGSS) की गाइडलाइंस जारी क
Finance: केंद्र सरकार ने देश के शहरों की सूरत बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Union Minister Manohar Lal ने नई दिल्ली में Urban Challenge Fund (UCF) और Credit Repayment Guarantee Sub-Scheme (CRGSS) की गाइडलाइंस जारी की हैं। इस पहल का मकसद शहरी बुनियादी ढांचे के लिए पैसों का इंतजाम करने के तरीके को बदलना है ताकि शहर खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकें।
Urban Challenge Fund क्या है और इसमें कितना पैसा लगेगा
यह आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) की एक नई योजना है। इसमें केंद्र सरकार कुल 1 लाख करोड़ रुपये की मदद देगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस पैसे की मदद से बाजार से और निवेश लाया जाए, जिससे अगले पांच सालों में शहरी सेक्टर में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का कुल निवेश हो सके। यह योजना वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक चलेगी, जिसे आगे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है।
पैसों का बंटवारा और प्रोजेक्ट्स के लिए नियम
इस फंड के तहत प्रोजेक्ट्स के लिए पैसों का इंतजाम एक खास तरीके से होगा। कुल बजट का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण |
राशि |
| प्रोजेक्ट्स के लिए बजट |
90,000 करोड़ रुपये |
| तैयारी और क्षमता निर्माण |
5,000 करोड़ रुपये |
| Credit Repayment Guarantee (CRGSS) |
5,000 करोड़ रुपये |
किसी भी प्रोजेक्ट की लागत का अधिकतम 25% हिस्सा केंद्र सरकार देगी। कम से कम 50% पैसा म्युनिसिपल बॉन्ड, बैंक लोन या PPP मॉडल के जरिए जुटाना होगा। बाकी का 25% हिस्सा राज्य सरकार या स्थानीय निकाय देंगे।
किन शहरों और सुविधाओं पर होगा फोकस
इस स्कीम का सबसे ज्यादा फायदा Tier II और Tier III शहरों को मिलेगा। इसमें पुराने शहर के बाजारों का पुनर्विकास, बेहतर ट्रांसपोर्ट सुविधा, पानी और सफाई के बुनियादी ढांचे और जलवायु अनुकूल विकास पर जोर दिया जाएगा। छोटे शहरों और पहाड़ी या उत्तर-पूर्वी इलाकों के लिए CRGSS स्कीम मददगार होगी, जिससे उन्हें बैंक लोन और मार्केट फाइनेंस आसानी से मिल सकेगा। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखी।