UPSC क्लियर करने वाले बिहारियों को नहीं मिलेगा होम कैडर, 2025 बैच में इनसाइडर वैकेंसी शून्य
Bihar: यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले बिहार के युवाओं के लिए एक चिंताजनक खबर आई है। 2025 बैच में ईडब्ल्यूएस, जनरल और ओबीसी कैटेगरी के लिए ‘इनसाइडर वैकेंसी’ यानी गृह राज्य का कोटा शून्य कर दिया गया है। इसका
Bihar: यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले बिहार के युवाओं के लिए एक चिंताजनक खबर आई है। 2025 बैच में ईडब्ल्यूएस, जनरल और ओबीसी कैटेगरी के लिए ‘इनसाइडर वैकेंसी’ यानी गृह राज्य का कोटा शून्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि इन कैटेगरी के अभ्यर्थी अब बिहार कैडर पाने का सपना पूरा नहीं कर पाएंगे और उन्हें दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा।
सरकारी अपडेट के मुताबिक, कैडर आवंटन की नीति में बड़े बदलाव किए गए हैं जो मुख्य रूप से सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 से लागू होंगे। पुराने पांच जोन वाले सिस्टम को खत्म कर अब चार ग्रुप वाला नया ढांचा बनाया गया है। बिहार को अब ग्रुप-1 में रखा गया है, जिसमें उसके साथ AGMUT, आंध्र प्रदेश, असम-मेघालय और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं।
नई नीति के तहत होम कैडर मिलना अब और मुश्किल हो गया है। अब इनसाइडर उम्मीदवारों का चयन मेरिट और वैकेंसी के आधार पर एक रोटेशनल साइकिल सिस्टम (25 उम्मीदवारों का ब्लॉक) से होगा। अगर किसी ब्लॉक में केवल एक ही वैकेंसी है, तो सिर्फ सबसे ज्यादा रैंक वाले उम्मीदवार को ही उसका होम कैडर मिलेगा, बाकी सबको आउटसाइडर माना जाएगा। साथ ही, उम्मीदवारों को अपने होम कैडर के लिए स्पष्ट रूप से इच्छा जतानी होगी, वरना उन्हें विचार में नहीं लिया जाएगा।
ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए अब कोई अलग पूल नहीं होगा और उनकी वैकेंसी को अनरिजर्व्ड (UR) कैटेगरी में ही एडजस्ट किया जाएगा। कुल मिलाकर सिस्टम में इनसाइडर और आउटसाइडर का अनुपात 1:2 रखा गया है, ताकि किसी भी कैडर में करीब एक तिहाई अधिकारी उसी राज्य के हों और दो तिहाई बाहरी राज्यों के।
इसके अलावा बिहार सरकार ने एक और फैसला लिया है। अब गैर-प्रशासनिक राज्य सेवा के अधिकारियों को भी IAS कैडर में शामिल करने की सिफारिश की जाएगी। इसमें डॉक्टर और इंजीनियर जैसे विशेषज्ञ अधिकारी शामिल होंगे, लेकिन BAS, BPS और BFS के अधिकारियों को इससे बाहर रखा गया है।