UP के 64 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, लखनऊ और कानपुर समेत कई शहरों में मानसून की धमाकेदार एंट्री

UP: उत्तर प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री हो गई है जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 64 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लखनऊ, आगरा और कानप

UP: उत्तर प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री हो गई है जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 64 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लखनऊ, आगरा और कानपुर जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ कई ग्रामीण इलाकों में भी अगले दो से तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया है। कुछ इलाकों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून अभी पूर्वी उत्तर प्रदेश में ज्यादा तेजी से सक्रिय है, जबकि पश्चिमी यूपी में 2 जुलाई से बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी। मानसून के आने से तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से छुटकारा मिला है। लखनऊ में 1 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

IMD ने कई जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आगरा, मथुरा, कानपुर, बांदा, झांसी, ललितपुर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, आजमगढ़, बस्ती, देवरिया, बलिया, सोनभद्र, चंदौली, मऊ, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज में भी भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी गई है।

विवरण जानकारी
अलर्ट वाले जिले लखनऊ, आगरा, कानपुर समेत 64 जिले
हवा की गति 40 से 75 किमी प्रति घंटा
तापमान में गिरावट 5 से 7 डिग्री सेल्सियस
ऑरेंज अलर्ट क्षेत्र बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली
मुख्य चेतावनी भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान

IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने संकेत दिया है कि जुलाई 2026 में पूरे देश में औसत मासिक वर्षा सामान्य से कम रह सकती है। वहीं, पश्चिमी यूपी के मेरठ जैसे शहरों में बारिश का ट्रेंड बदल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 1971 से 2020 के बीच मेरठ की औसत वार्षिक बारिश में 56.1 मिमी की कमी आई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर मकानों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।