UP: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ जहां पिछले दिनों भारी बारिश और तूफान ने तबाही मचाई, वहीं अब भीषण गर्मी और लू का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी क
UP: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ जहां पिछले दिनों भारी बारिश और तूफान ने तबाही मचाई, वहीं अब भीषण गर्मी और लू का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
लू और गर्मी का क्या है हाल
IMD के मुताबिक 15 मई से राज्य में सूखे मौसम की संभावना है और 16 मई से तपिश और ज्यादा बढ़ेगी। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। खासकर कानपुर मंडल में 16 मई से गंभीर लू चलने की आशंका है, जहां पारा 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पश्चिमी यूपी में गर्म हवाएं चलेंगी जबकि पूर्वी इलाकों में उमस ज्यादा रहेगी। लखनऊ में फिलहाल तापमान 37 डिग्री के आसपास है, लेकिन आने वाले दिनों में यह और बढ़ेगा।
तूफान और बारिश से कितना नुकसान हुआ
बीते बुधवार 14 मई को यूपी के 26 जिलों में भीषण तूफान, भारी बारिश और ओले गिरे थे। IMD वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा से ज्यादा थी। इस आपदा में प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही और फतेहपुर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार इस घटना में 89 से 111 लोगों की जान गई और 53 से 72 लोग घायल हुए। साथ ही 170 पशुओं की मौत हुई और सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
सरकार का क्या कदम है और बचाव के तरीके
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। डीएम को आदेश दिया गया है कि पीड़ितों को मुआवजा और राहत देने में कोई देरी न हो। वहीं, चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉ. एस सुनील पांडे ने लोगों को सलाह दी है कि वे खूब पानी पिएं और दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें ताकि लू से बचा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूपी में लू का अलर्ट कब तक रहेगा?
हीटवेव का अलर्ट 15 मई से प्रभावी है और 16 मई से गर्मी और बढ़ेगी। यह तपिश 20 मई 2026 के बाद तक जारी रह सकती है।
14 मई को आए तूफान से कितना नुकसान हुआ?
इस तूफान में करीब 89 से 111 लोगों की मौत हुई और 170 पशु मारे गए। यूपी के 26 जिलों में भारी तबाही हुई, जिसमें सैकड़ों घर टूट गए।